गांव में रखेंगे साफ-सफाई तो होगी कमाई: उमा भारती

गांव में रखेंगे साफ-सफाई तो होगी कमाई: उमा भारतीमहिला दिवस पर शामिल महिलाओं के चेहरे पर दिखी खुशी

लखनऊ। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उमा भारती ने महिलाओं को पंचायत स्तर पर आत्मनिर्भर बनाने की बात कही है। ये बात सुनकर हजारों की संख्या में उपस्थित महिलाएं ये जानने के लिए उत्सुक हो गयी कि आखिर कैसे वो अपनी ही पंचायत में रोजगार पा सकती हैं। जो ग्राम पंचायतें खुले से मुक्त जाएंगी, वहां महिलाओं के रोजगार की तमाम सम्भावनाएं हैं।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कहा, “जो जिले खुले से शौच मुक्त हो जाएंगे वहां ओडीएफ प्लस योजना अप्रैल से शुरू हो जायेगी। इस योजना के अंतर्गत गांव के अन्दर की गंदगी को साफ करके स्वच्छ और निर्मल बनाया जाएगा। इस योजना से महिलाओं को बड़े पैमाने पर अपनी ही ग्राम पंचायत में रोजगार मिलेगा, जिससे वो आत्मनिर्भर बनकर सशक्त होंगीं।”

उन्होंने आगे कहा, “21वीं सदी भारत में भारतीय नारी की होगी। भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर रही हैं। इस महिला दिवस पर यहां बैठे सभी लोग मेरे साथ ये संकल्प लें कि कोई भी अपनी बेटी की शादी में दहेज़ नहीं देगा, और कोई भी अपने बेटे की शादी में दहेज़ नहीं लेगा। अगर दहेज की चिंता हर घर में समाप्त हो जाए तो बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान अपने आप सफल हो जाएगा।”

केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कहा कि महिलाओं में असीम ताकत है

“एक महिला प्रधान होने के नाते मेरी पहचान सिर्फ कागजों पर साइन करने तक न रहे, हमारे पंचायत के लोग हमें हमारे काम की वजह से भी पहचानें। इसलिए ग्राम प्रधान बनने के बाद अपनी पंचायत में सबसे पहला काम शौचालय बनवाने का किया।” ये कहना है अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मानित हुई महिला प्रधान लता देवी का।

लता देवी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के राजघाट ग्राम पंचायत की प्रधान है। लता की तरह इस अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस में ‘स्वच्छ शक्ति 2018’ सम्मेलन का आयोजन लखनऊ के आशियाना बंगला बाजार में स्थित कांशीराम स्मृति उपवन में 12 महिला प्रधानों, 11 स्वच्छाग्रही और 7 महिला अधिकारियों को सम्मानित किया गया। ये सम्मान उन महिलाओं को दिया गया जिन्होंने स्वच्छ भारत अभियान की मुहिम में अपना बेहतर योगदान दिया है। इस कार्यक्रम में 8000 महिला ग्राम प्रधान, 3000 स्वच्छाग्रही, 2000 महिला समाख्या की महिलाएं शामिल हुई थीं।

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान पाकर महिलाओं का बढ़ा आत्मविश्वास

श्रावस्ती जिले से सम्मानित हुई स्वच्छता स्वच्छाग्रही (मोटीवेटर) गुलशन जहां ने 1200 से ज्यादा शौचालय निर्माण कराकर एक हजार से ज्यादा महिलाओं को शौचालय इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया। ये अपना अनुभव बताती हैं, “पहले लोगों को लगा कि ये भी कोई ऐसी ही योजना है जिसका हर सरकारी योजना की तरह असर नहीं होगा। एक बड़ी चुनौती थी कि पहले लोगों के पैसों से शौचालय निर्माण करवाओ बाद में उसके खाते में पैसा आएगा।”

गुलशन ने 9 ग्राम पंचायतों में समूहों के साथ बैठक करके इन्हें खुले से शौच मुक्त कराया। इन्होने आत्मविश्वास के साथ कहा, “पहली बार घर से किसी काम को करने के लिए निकले थे, मन में झिझक थी और मुश्किल भी लग रहा था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को समझाया, आज यहां सम्मान पाकर अच्छा लग रहा है।”

महिला प्रधान और स्वच्छाग्रही को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा के साथ उन्हें कैसे आत्मनिर्भर बनाया जाए इस बात पर इस सरकार का पूरा ध्यान है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत 16 करोड़ 42 लाख महिलाओं के खाते खोलकर उन्हें बैंक से जोड़ा गया। सामूहिक विवाह कर दहेज प्रथा को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।” उन्होंने आगे कहा, आप सभी के सहयोग से उत्तर प्रदेश को अक्टूबर 2018 तक खुले में शौच मुक्त कराना है, मुझे विश्वास है ये जरुर सफल होगा।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रिका ‘स्वच्छता संदेश’ के द्वितीय अंक का विमोचन, इज्जत घर के ‘लोगो’ का अनावरण, मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के साॅफ्टवेयर ‘हमारी पंचायत’ का लाँच एवम न्यूज लेटर ‘हमारी पंचायत’ का विमोचन किया। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘स्वच्छता रथ’ को भी रवाना किया।

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पिछले 11 महीने में राज्य सरकार द्वारा 35 लाख व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया है। शामली, गाजियाबाद, हापुड़, बिजनौर, मेरठ, गौतमबद्धनगर, बागपत और मुजफ्फरनगर जनपदों सहित 19 हजार से अधिक गांवों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया।

महिलाओं की सहूलियत को देखते हुए उज्ज्वला योजना के द्वारा 65 लाख निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिए गये। राज्य सरकार एक अप्रैल से 15 अप्रैल 2018 तक 38 जिलों में जलजनित से होने वाली हजारों बीमारियों से निजात दिलाने के लिए शुद्ध पेयजल लोगों को मिले इसके लिए एक ख़ास अभियान चलाया जाएगा।

हजारों की संख्या में उपस्थित महिला ग्राम प्रधान और स्वच्छाग्रही

पंचायतीराज मंत्री भूपेन्द्र सिंह चैधरी ने कहा, “यहां हजारों की संख्या में बैठी महिलाओं को देखकर खुशी हो रही है। आपने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। अगर आप सभी ने अपनी जिम्मेदारियों को ऐसे ही निभाया तो अक्टूबर 2018 तक उत्तर प्रदेश खुले में शौच मुक्त जरुर हो जाएगा।”

इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कृष्णाराज, महिला एवम बाल विकास कल्याण की कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, स्वाती सिंह, अर्चना पाण्डेय, बलदेव ओलख, लखनऊ की महापौरसंयुक्ता भाटिया, केन्द्रीय स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के महानिदेशक अक्षय राउत, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज चंचल कुमार तिवारी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में महिला ग्राम प्रधान एवं महिला स्वच्छाग्रही उपस्थित थीं।

शौचालय को ‘इज्जत घर’ नाम दिया गया

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