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जम्मू-कश्मीर: सुरक्षा कारणों से पंचायत उपचुनाव स्‍थगित

जम्मू-कश्मीर: सुरक्षा कारणों से पंचायत उपचुनाव स्‍थगित

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा कारणों की वजह से पंचायत उपचुनाव स्‍थगित कर दिए गए हैं। जम्मू कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) शैलेंद्र कुमार ने मंगलवार को कहा कि 'पंचायतों के उपचुनावों को सुरक्षा कारणों से तीन सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है।'

जम्मू कश्मीर में साल 2018 में पंचायत के चुनाव हुए थे, लेकिन तब बहुत सी जगहों पर मतदान नहीं हुए, ऐसे में करीब 12,500 पंच और सरपंच के पद खाली रह गए थे। इन्‍हीं सीटों पर 5 मार्च से आठ चरणों में उपचुनाव होने थे।

शैलेंद्र कुमार ने कहा कि 'सुरक्षा मामलों को लेकर गृह विभाग से मिली जानकारी के बाद यह कदम उठाया गया।' पंचायत उपचुनाव की तारीखों की बात करें तो यह आठ चरणों में होने थे। पहले चरण का चुनाव 5 मार्च, दूसरे चरण का 7 मार्च, तीसरे चरण का 9 मार्च, चौथे चरण का 12 मार्च, पांचवें चरण का 14 मार्च, छठे चरण का 16 मार्च, सातवें चरण का 18 मार्च और 8वें चरण का चुनाव 20 मार्च को होना था।

उपचुनाव स्‍थगित होने पर जम्‍मू कश्‍मीर के अनंतनाग जिले के डिप्टी इलेक्शन ऑफिसर सैयद नाजिर कहते हैं, ''अनंतनाग में 135 पंच और 1995 सरपंच के पद पर उप चुनाव होने थे। हमने इसकी तैयारियां भी की थीं। हमें मालूम हुआ है कि सुरक्षा कारणों की वजह से अभी चुनाव नहीं होंगे। आगे जो भी तारीख तय होगी उस तारीख पर चुनाव कराए जाएंगे।''

इससे पहले जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव दिसंबर 2018 में हुए थे। उस वक्‍त नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस समेत कुछ अन्य पार्टियों ने चुनाव का बहिष्कार किया था। इस वजह से कई जगह सीटें खाली रह गई थीं। बाद में बीडीसी चेयरमैन का निर्वाचन होने की वजह से भी कई सरपंच की सीटें खाली हो गई थीं। इन्‍हीं सीटों पर इस बार चुनाव होने थे।

बर्फबारी की वजह से लद्दाख में नहीं हो रहे पंचायत चुनाव

जम्‍मू कश्‍मीर में पंचायत उप चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। वहीं केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में पंचायत उप चुनाव नहीं हो रहे हैं। लद्दाख में पंचायत चुनाव न होने के पीछे की वजह है खराब मौसम। लद्दाख की राजधानी कारगिल के जिलाध‍िकारी बशीर-उल-हक चौधरी कहते हैं, ''लद्दाख में बर्फबारी की वजह से अभी चुनाव कराना संभव नहीं है। लोग वोट देने पहुंच ही नहीं पाएंगे। ऐसे में मई-जून में पंचायत उपचुनाव कराए जा सकते हैं।''



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