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जैम : अरुण जेटली ने कहा, वन बिलियन-वन बिलियन- वन बिलियन का लक्ष्य

लखनऊ। 27 अगस्त 2014 को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद जनधन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत गरीबों के बैंक अकाउंट्स खोले जाने थे। इसकी तीसरी वर्षगांठ पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि जनधन, आधार और मोबाइल (जैम) की 'त्रिमूर्ति' से सामाजिक क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा, ‘अब देश की निगाह एक अरब-एक अरब-एक अरब पर है। यानी एक अरब आधार नंबर जो एक अरब बैंक खातों और एक अरब मोबाइल फोन से जुड़े हों।

इससे सभी भारतीय साझा वित्तीय, आर्थिक और डिजिटल क्षेत्र में आ चुके हैं। यह कुछ उसी तरीके से है जिससे माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से एकीकृत बाजार बना है। जेटली ने कहा, आधार को बैंक अकाउंट्स और मोबाइल से जोड़े जाने के फायदे बताए-

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ये होगा फायदा

  • गरीब आर्थिक सुविधाओं का फायदा उठा सकेंगे
  • इलेक्ट्रॉनिकली लेनदेन करेंगे
  • सब्सिडी का ज्यादा बोझ नहीं रहेगा
  • सरकार सालाना 35 करोड़ खातों में 74 हजार करोड़ रु. सीधे ट्रांसफर कर रही है
  • एक महीने में 6 हजार करोड़ ट्रांसफर होते हैं
  • अभी तक 52.4 करोड़ आधार, 73.62 करोड़ अकाउंट्स से जोड़े गए

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इतना लक्ष्य पूरा हुआ

  • बीते 3 साल वर्षों में प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत 29.52 करोड़ खाते खोले गए
  • जनवरी, 2015 से अबतक जनधन खातों में 12.55 करोड़ का इजाफा हुआ
  • जनवरी, 2015 से अगस्त 2017 तक 22.71 करोड़ रू-पे कार्ड जारी किए गए
  • इसी समयावधि में पीएमजेडीवाई के तहत 17.64 करोड़ ग्रामीण खाते खोले गए
  • 16 अगस्त, 2017 तक इन खातों में एवरेज बैलेंस 2,231 रु. रहा