नाबालिग से बलात्कार मामले में आसाराम दोषी करार, दो आरोपी बरी

नाबालिग से बलात्कार मामले में आसाराम दोषी करार, दो आरोपी बरीआसाराम दोषी करार।

तकरीबन 4 साल साल से रेप के एक मामले में जोधपुर जेल में बंद आसाराम को बुधवार को जोधपुर हाईकोर्ट ने आरोपी मानते हुए दोषी करार दिया गया है। इस फैसले के बाद जोधपुर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

जज मधुसूदन शर्मा ने आसाराम बापू को 16 साल की मासूम लड़की से यौन उत्पीड़न के आरोप में दोषी करार दिया गया। इस मामले में आसाराम के साथ शिल्‍पी और शरतचंद्र को दोषी करार दिए गए, जबकि दो को बरी कर दिया गया है। हालांकि अदालत में दोषियों पर सजा तय की जानी है।

वर्ष 2013 अगस्त में एक 16 साल की लड़की ने आरोप लगाया था कि आसाराम ने जोधपुर आश्रम में उसके साथ यौन शोषण किया। दो दिन के बाद ही लड़की के पिता ने दिल्ली जाकर आसाराम के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद केस राजस्थान पुलिस को ट्रांसफर कर दिया। राजस्थान पुलिस ने आसाराम को पूछताछ के लिए 31 अगस्त 2013 तक का समय देते हुए सम्मन जारी किया।

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पुलिस के समन के बावजूद आसाराम को कोई फर्क नहीं पड़ा और वो हाजिर नहीं हुए। जब वो हाजिर नहीं हुए तो दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 342, 376 और 506 के अन्तर्गत केस दर्ज किया। आरोप लगे कि आसाराम पुलिस से बचने के सारे हथकंडे अपनाते रहे। यहां तक कि ये भी आरोप लगा कि लड़की के परिवार को केस वापस लेने के लिए धमकाया गया।

इंदौर में जब आसाराम प्रवचन देने पहुंचे थे, तब पुलिस पूरे फोर्स के साथ उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची, पंडाल के बाहर आसाराम के समर्थकों ने पुलिस से मारपीट भी की। भारी हंगामे के बीच 1 सितंबर 2013 को आसाराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जोधपुर जेल शिफ्ट कर दिया गया।

वहीं जोधपुर कोर्ट के फैसले से पहले आसाराम के समर्थक प्रार्थना कर रहे हैं। अहमदाबाद में भी समर्थक सुबह से प्रार्थना कर रहे हैं।

(साभार: एजेंसी)

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