‘गौरी लंकेश मेरी बहन जैसी थीं, संघ के खिलाफ न लिखतीं तो ज़िंदा होतीं’

‘गौरी लंकेश मेरी बहन जैसी थीं, संघ के खिलाफ न लिखतीं तो ज़िंदा होतीं’गौरी लंकेश व जीवराज

नई दिल्ली। मंगलवार को कर्नाटक की वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब से उनकी हत्या को लेकर जो विवाद शुरू हुआ था वो अभी भी जारी है। इसी बीच कर्नाटक के बीजेपी नेता का एक बयान आया है।

ख़बरों के मुताबिक, कर्नाटक के बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री जीवराज ने कहा कि अगर गौरी लंकेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों की मौत के जश्न के बारे में न लिखतीं तो शायद आज वो जिंदा होतीं। बीजेपी विधायक ने कोपा में पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बयान दिया।

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उन्होंने इस बैठक में कहा, “कांग्रेस सरकार बनने के बाद से कर्नाटक में बीजेपी और हिंदू समूहों के 11 नेताओं की मौत हो चुकी है। यदि गौरी ने इस हत्याओं की निंदा की होती और सिद्धारमैया सरकार की आलोचना की होती तो क्या आपको नहीं लगता कि आज वह जिंदा होतीं?

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जीवराज ने कहा कि कांग्रेस राज में हमने संघ के लोगों को मरते हुए देखा, जिसके बाद गौरी लंकेश ने भी उनके बारे में लिखा। लेकिन अगर वह इस तरह के लेखों से दूरी बनाये रखती तो शायद जीवित होती। उन्होंने कहा कि गौरी लंकेश मेरी बहन की तरह हैं, लेकिन जिससे उन्होंने हमारे (बीजेपी और आरएसएस) के खिलाफ लिखा वह गलत था। वहीं, दूसरी ओर बीजेपी विधायक के बयान के बाद आलोचना भी शुरू हो गई है।

हालांकि जीवराज ने बीबीसी को बताया, ''मैंने वो भाषण पुलिस के भारी दबाव के बीच दिया था क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि मैं कार्यकर्ताओं को संबोधित करूं। बाद में हम सबको गिरफ्तार कर लिया गया था। मैंने कहा था कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हमारे 11 पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या हो गई क्योंकि वो मुख्यमंत्री की क़रीबी थी, उन्हें मेरे पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए ज़िम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के लिए मुख्यमंत्री से कहना चाहिए था।''

उन्होंने कहा, ''मैंने सीबीआई जांच की मांग की है जो गौरी, विचारक डॉ एमएम कलबुर्गी के साथ-साथ संघ परिवार के 11 सदस्यों की हत्या की भी जांच करेगी।''

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जीवराज ने कहा, ''मेरी ग़लती ये थी कि मुझे अपने बयान में एक और वाक्य जोड़ना था जिससे इसका मतलब कुछ और होता. मैं क्यों गौरी लंकेश जैसी वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ़ रहूंगा.''

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