कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राएं पानी के लिए भटकने को मजबूर 

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राएं पानी के लिए भटकने को मजबूर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पीने के पानी की बड़ी समस्या है।

ओंकार सिंह,कम्युनिटी जर्नलिस्ट

चित्रकूट। चित्रकूट जिले के मानिकपुर तहसील मुख्यालय में बने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पीने के पानी की बड़ी समस्या है। पानी के लिए छात्राओं को विद्यालय से बाहर बस्ती में जाकर पानी भरना पड़ता है, फिर बस्ती के नल का पानी उतर जाने के कारण 15-15 लीटर के डिब्बों को लेकर रेलवे स्टेशन से पानी पीने के लिए लाना पड़ रहा है। विद्यालय की छात्रा नज़मा (15 वर्ष) ने बताया, “हम पानी पीने के लिए बाहर के नलों से लाते हैं या फिर स्टेशन के पास से पानी भरते हैं।’’

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मानिकपुर कस्तूरबा गांधी विद्यालय में लगभग 95 छात्राएं हैं, जो रहकर पढ़ाई कर रही हैं, लेकिन स्कूल में पानी की कोई व्यवस्था न होने के कारण छात्राओं को स्कूल के बाहर से स्टेशन तक से पानी भरकर लाना पड़ता है।’’

जिस जगह स्कूल है, वहां का वाटर लेवल नीचे होने के कारण बोरिंग सफल नहीं है। इसलिए अब वहां पर टंकी का निर्माण कराया जायेगा। अभी टैंकर से पानी की व्यवस्था की जा रही है।
मोनिका रानी, जिलाधिकारी

विद्यालय की छात्रा रुकसार ने बताया, हम लोग देररात उठकर पानी भरने स्कूल से बाहर जाती हैं। स्कूल के बाहर जिन लोगों के घरों के सामने नल हैं वो लोग पानी नहीं भरने देते हैं, भगा देते हैं।’’कस्तूरबा गांधी विद्यालय, मानिकपुर की वार्डेन नीती श्रीवास्तव का कहना है, ‘‘विद्यालय में एक बोरिंग पहले हुई थी, जो ध्वस्त हो चुकी है। वर्ष 2010 में दूसरी बोरिंग विद्यालय के शिफ्ट होने के बाद की गई है, जो अभी खराब है। इसके बाद कोई बोरिंग यहां नहीं हुई है।’’

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