टिटहरी का अंडा टूटने से पांच साल की बच्ची को जाति से निकाला

राजस्थान से ये एक ऐसी ख़बर है, जिसे पढ़कर आपको गुस्सा आएगा। क्योंकि गांव के सरपंच ने अंधविश्वास के चलते ५ साल की लड़की की शर्मनाक सजा दी है.. पढि़ए पूरी ख़बर

टिटहरी का अंडा टूटने से पांच साल की बच्ची को जाति से निकाला

कोटा (राजस्थान)। अंधविश्वास के चलते राजस्थान में 5 साल की एक बच्ची को अजीबोगरीब सजा दी गई। इस सजा के बारे में जो सुन रहा है, राजस्थान के इस गांव के लोगों को कोस रहा है। बच्ची का कसूर सिर्फ इतना था कि अनजाने में उसके पैर से एक टिटहरी नाम के पक्षी का अंडा टूट गया था, जिसके बद पंचायत ने उसे समाज से बाहर निकाल दिया।

राजस्थान के बूंदी जिले के हिंडौली थाना क्षेत्र के हरीपुरा गांव में खेलते वक्त स्कूल परिसर में टिटहरी का अंडा बच्ची के पैर से कुचल गया। बच्ची जिस समुदाय से उसके लोगों ने इसे अपशकुन माना और उसे समाज से पहले 3 दिन फिर 8 दिन के लिए बाहर कर दिया। बच्ची पिछले ११ दिनों से अपने घर की चौघट से दूर रह रही थी। और कुछ दूरी से उसकी थाली में खाना फेंक दिया जाता था।

बेसहारा बच्ची की हालत के बारे में जानकारी मिलने पर राज्य के बाल अधिकार आयोग की प्रमुख मनन चतुर्वेदी के आदेश पर मामला दर्ज किया गया। हिंडोली थाने के प्रभारी लक्ष्मण सिंह ने बताया, "10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

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हरीपुरा गांव की इस बच्ची को न सिर्फ समाज से बाहर किया गया बल्कि उसे सजा भी दी गई। समुदाय का मानना है कि अंडा टूटने से समुदाय को अपशकुन झेलना होगा और गांव में बारिश नहीं होगी। यह मामला तब सामने आया जब लड़की के पिता ने तहसीलदार से शिकायत कर दी कि समुदाय का प्रमुख फरमान वापस लेने के लिए महंगी शराब और खाने पीने की सामग्री की मांग कर रहा है। तहसीलदार से शिकायत के बारे में जानकर समुदाय प्रमुख ने बीती रात लड़की के समूचे परिवार को जाति से बाहर घोषित कर दिया।

राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार सुबह गांव का दौरा किया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, किशोर न्याय कानून और अस्पृश्यता कानून के विभन्नि प्रावधानों के मामला दर्ज किया। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी जता रहे हैं।

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