Kumbh Mela 2019 : कुंभ में रचा गया इतिहास, पहली बार किन्नर अखाड़े ने किया शाही स्नान

Arvind ShuklaArvind Shukla   15 Jan 2019 7:30 AM GMT

Kumbh Mela 2019 : कुंभ में रचा गया इतिहास, पहली बार किन्नर अखाड़े ने किया शाही स्नान

कुंभ नगरी (प्रयागराज)। गंगा यमुना के पावन संगम पर हो रहा कुंभ मेला कई मायनों में इस बार खास हो गया। Kumbh Mela 2019 के पहले शाही स्नान को किन्नर अखाड़े के शाही स्नान पर लोगों की नजरें टिकी गईं। ये कुंभ के नाम पर भी इतिहास हैं, क्योंकि किसी भी कुंभ में किन्नरों का ये अपनी तरह का पहला स्नान था।

मंगलवार की सुबह जब किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की अगुवाई में किन्नरों अखाड़े की शाही सवारी संगम पर स्नान करने पहुंची तो कुंभ के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। वैसे तो पहले शाही स्नान पर पहले के सभी 13 अखाड़ों ने आस्था की डुबकी लगाई, लेकिन जब 14वें अखाड़े की सवारी पहुंची तो लोगों की नजर थम गईं।

कुंभ मेले के पहले शाही स्नान की फोटो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें...

शाही स्नान को जाता किन्नर अखाड़ा। फोटो- अभिषेक वर्माशाही स्नान को जाता किन्नर अखाड़ा। फोटो- अभिषेक वर्मा

भक्तों का हुजूम ने महामंडलेश्वर लक्ष्मी और उनके साथियों की अगवानी की। कुंभ में स्नान करने पहुंचे हजारों लोगों ने उनका आशीर्वाद लिया। शाही रथों पर सवार होकर संगम पहुंचे किन्नर अख़ाड़े पर फूलों की बारिश हुईं। किन्नर अख़ाड़े को जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर हरि महराज जी ने अपने अखाड़े से मान्यता दी थी।

मंगलवार को किन्नर अखाड़े ने किया शाही स्नान। सभी फोटो- अभिषेकमंगलवार को किन्नर अखाड़े ने किया शाही स्नान। सभी फोटो- अभिषेक



मान्यता मिलने के बाद महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था, "ये लड़ाई का प्रश्न नहीं, सम्मान का प्रश्न है। जरुरी था कि समाज हमें सामान्य तरीके से हमें गले लगे, ये लड़ाई थी कि सनातन धर्म में किन्नरों का स्थान है। वेदों में लिखा गया था, कुंभ के संदर्भ में तुलसीदास दास जी ने लिखा था, देव दनुज किन्नर नर, श्रेणी… सागर मजहति सकल त्रिवेणी…"

किन्नर अखाड़े की स्थापना साल 2016 में हुए मध्यप्रदेश के उज्जैन के सिंहस्थ कुंभ में हुई थी। किन्नरों का कहना था कि सनातन धर्म में उचित स्थान मिला है। भारतीय अखाड़ा परिषद के भारी विरोध के बावजूद प्रयागराज के कुंभ में किन्नर अखाड़ा को मान्यता मिली। और वो शाही स्नान में शामिल हुए।

मंगलवार 15 जनवरी को उत्तर प्रदेश में प्रयागराज में अर्द्ध कुंभ 2019 का आगाज हुआ। इससे पहले सोमवार को 56 लाख लोगों ने संगम में स्नान किया था। कुंभ को तंबुओं का शहर भी कहा जाता है, जो इस बार ३५ सौ हेक्टेयर में बसा है। लोगों के स्नान के लिए 35 घाट बनाए गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक डेेढ़ महीने तक चलने वाले इस कुंभ में दुनियाभर से करीब 15 करोड़ लोगों के आने की संभावना है। लोगों की सुरक्षा के लिए 42 हजार सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। जिनमें उत्तर प्रदेश पुलिस, केंद्रीय पुलिस बस, सेना और अर्धसैनिक बल शामिल हैं।

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