Kisaan Aandolan Live: कई किसान संगठनों का बुराड़ी जाने से इनकार, सिंघु बॉर्डर पर डाला डेरा

दिल्ली पुलिस ने भले ही किसानों को दिल्ली आने और बुराड़ी के निरंकारी मैदान में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की इजाजत दे दी है, लेकिन बड़ी संख्या में किसान अभी भी सिंघु बॉर्डर पर ही डंटे हैं।

farmers protest, delhi protest, delhi chalo, agri lawasदिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर अभी भी कई जगह किसान सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। (फोटो अमित पांडेय)

अरविंद शुक्ला/दया सागर

नई दिल्ली। भारी बवाल के बाद दिल्ली पहुंचे किसानों को आखिरकार दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति मिल गई। किसान नेताओं से हुई बातचीत के बाद पुलिस ने किसानों को बुराड़ी के निरंकारी मैदान में शांतिपूर्वक प्रदर्शन की अनुमति तो दे दी लेकिन ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जाने से मना कर दिया। किसानों के कई संगठनों ने इसे मानने इनकार कर दिया है। भारी संख्या में किसान अभी भी सिंघु बॉर्डर पर ही प्रदर्शन कर रहे हैं और वहां से जाने से इनकार कर रहे हैं।

कृषि कानूनों के विरोध में 26 नवंबर से 28 नवंबर तक चलने वाले दिल्ली चलो प्रोटेस्ट मार्च के दूसरे दिन 27 नवंबर शुक्रवार को दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर कई जगह किसानों पर आंसू गैस दागे गये। पानी की बौछारे मारी गईं, लेकिन बड़ी संख्या में किसान बैरिकेड्स् तोड़कर दिल्ली पहुंचने में सफल रहे।

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किसानों को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार से 9 खेल मैदानों को अस्थायी जेल बनाने की भी मांग की थी जिसे दिल्ली सरकार ने ठुकरा दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ईश सिंघल ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि किसान नेताओं से बातचीत के बाद दिल्ली पुलिस ने किसानों को बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की परमिशन दे दी गई है। लेकिन पुलिस ने किसानों को साथ में ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जाने की अमुनमति नहीं दी।

हरियाणा-पंजाब से आये कई किसान संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। वे बिना ट्रैक्टर के बुराड़ी जाने को तैयार नहीं हैं। किसानों ने कहा कि अगर उन्हें ट्रैक्टर लेकर जाने की इजाजत नहीं मिली तो वे दिल्ली जाम करेंगे।

विरोध प्रदर्शनों के बीच गांव कनेक्शन से बातचीत में एक किसान ने कहा, "हम दिल्ली की हुक्का-पानी बंद करेंगे। पूरा पंजाब हमारे साथ है।"

आंसू गैस के असर को कम करने के लिए मुंह धोता किसान। (फोटो अमित पांडेय)

एक दूसरे किसान रमेश गिल ने कहा कि हम दिल्ली आने वाली सड़कों को चारों ओर से बंद कर देंगे। दिल्ली में बाहर से ना सब्जी आयेगी ना दूध आयेगा। कोई चीज अंदर नहीं आयेगी।

हरियाणा के करनाल से आये युवा किसान हरनाम सिंह भी बिना ट्रैक्टर-ट्राली लिए जाने को तैयार नहीं है। वे कहते हैं, "हम बुराड़ी चले जाएंगे और वहां हमें घेर दिया गया तब। हमें तो दिल्ली प्रदर्शन करना है। हम दिल्ली में ही प्रदर्शन करेंगे। दिल्ली की सड़क जाम करेंगे।"

सोनीपत से आये कई किसानों ने एक सुर में कहा कि हम दिल्ली में ही प्रदर्शन करेंगे।

इस बीच सत्येंद्र जैन, गृह मंत्री, दिल्ली सरकार ने अपने बयान में कहा कि किसानों की मांगें जायज हैं। केंद्र सरकार को किसानों की मांगें तुरंत माननी चाहिए। किसानों को जेल में डालना इसका समाधान नहीं। इनका आंदोलन बिल्कुल अहिंसक है। अहिंसक तरीके से आंदोलन करना हर भारतीय का संवैधानिक अधिकार है। किसानों को जेल नहीं डाला जा सकता।

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