मौसम की जानकारी के नाम पर SBI ने बिना बताए किसानों के खातों से काटे 68 लाख रुपए

मौसम की जानकारी के नाम पर SBI ने बिना बताए किसानों के खातों से काटे 68 लाख रुपएफोटो: अभिषेक वर्मा

मौसम की जानकारी देने के नाम पर भारतीय स्टेट बैंक ने केसीसी धारक किसानों के खातों से बिना बताए 68 लाख रुपए काट लिए।

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के नाम पर बैंकों के इस गड़बड़झाले का खुलासा हाल में तब हुआ, जब राज्य सभा में सांसद रवि प्रकाश वर्मा की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से पूछे गए सवाल पर जवाब दिया गया।

मजेदार बात यह है कि केंद्र सरकार की ओर से मौसम की जानकारी की सुविधा टोल फ्री नंबर पर नि:शुल्क मिलती है, मगर फिर भी केसीसी धारक किसानों के खातों से इस सुविधा के नाम पर बैंक ने बड़ी धनराशि काट ली। केंद्र सरकार ने किसानों को मौसम की जानकारी लेने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-1551 जारी किया था।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने किसानों को फसल संबंधी जानकारी समेत मौसम से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए रायटर्स मार्केटस लाइट इनफॉरमेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (आरएमएल) से राष्ट्रीय स्तर पर मार्च 2016 को समझौता किया था। इसके तहत किसानों को एसएमएस और मोबाइल ऐप के जरिए मौसम की जानकारियां मुहैय्या करानी थी। इस सेवाओं के लिए किसानों से शुल्क के तौर पर क्रमश: 450 और 999 रुपए तय किया।

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इस सेवा के नाम पर एसबीआई के कुल 60.24 लाख केसीसी धारक किसानों में से 1.62 लाख किसानों ने इस सुविधा का लाभ लिया। सुविधा लेने वाले इन किसानों में से 7,636 किसानों के खातों में से बिना लिखित सहमति लिए एसबीआई ने 68.04 लाख रुपए काट लिए। यानि बैंक बिना सहमति लिए किसानों के खातों से 999 रुपए लगातार काटता रहा। हालांकि एसबीआई की ओर से इन किसानों के खातों में पूरा पैसा वापस करने की बात कही है आैर कंपनी से समझौता मार्च 2017 को खत्म कर दिया।

इससे पहले भी बैंकों की ओर से किसानों के खातों से बिना बताए धनराशि काटे जाने के मामले सामने आते रहे हैं। हाल में मध्य प्रदेश के विदिशा के किसान हजारीलाल शर्मा भी इसका शिकार बने थे, जब उनके मोबाइल में मौसम अलर्ट के नाम पर बैंक ने बिना सहमति के 999 रुपए की धनराशि काट ली और उन्हें इसकी जानकारी एसएमएस के माध्यम से दी।

तब विदिशा में सटेरन के एसबीआई शाखा प्रबंधक बीएस बघेल ने इस बात को स्वीकार किया था कि किसानों को बिना बताए किसान क्रेडिट कार्ड से धनराशि काटी जा रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब मौसम की जानकारी के लिए केंद्र सरकार की ओर से ट्रोल फ्री नंबर जारी किया गया है तो किसानों के खातों से बिना बताए इस सुविधा के नाम पर वसूली क्यों की गई।

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