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आज़ादी की लड़ाई के बाद किसान एकजुटता का प्रतीक होगा किसान मुक्ति संसद : डॉ.सुनीलम

आज़ादी की लड़ाई के बाद किसान एकजुटता का प्रतीक होगा किसान मुक्ति संसद : डॉ.सुनीलमदेश के 19 राज्यों में 10 हज़ार किमी. से अधिक क्षेत्रफल में किसान संघर्ष यात्राएं कर चुके हैं डॉ. सुनीलम

नई दिल्ली । किसानों को संपूर्ण कर्ज़माफी का लाभ और उनकी कृषि उपज का पूरा दाम दिलवाने के लिए डॉ. सुनीलम ने कई राज्यों में किसान यात्रा निकाली हैं। किसानों की आवाज़ को बुलंद करने के लिए आज वो दिल्ली के रामलीला मैदान से में किसान मुक्ति संसद में हिस्सा ले रहे हैं।

मंदसौर से लेकर रोहतक में हज़ारों किसानों को उनका हक दिलाने के लिए काम कर रहे डॉ. सुनीलम बताते हैं,'' ऐसा देश में पहली बार हुआ है कि अलग- अलग सोच वाले कई किसान संगठन एकसाथ एकमंच पर आगे आए हैं। आज़ादी की लड़ाई नें किसानों ने बढ़-चढ़ हिस्सा लिया, लेकिन उसके बाद हुए किसान आंदोलन में एकजुटता की कमी दिखी। आज का मंच किसान संगठनों की एकजुटता को आगे लाएगा।''

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मध्यप्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में कई किसान संगठनों के साथ मिलकर उनकी हक की लड़ाई लड़ रहे हैं डॉ. सुनीलम सभी फोटो - अभिषेक वर्मा

डॉ. सुनीलम देश के 19 राज्यों में 10,000 किमी. से अधिक क्षेत्रफल में किसान संघर्ष यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा वो मध्यप्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में कई किसान संगठनों के साथ मिलकर उनकी हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।

'' कर्ज़माफी और किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम दिलवाने के लिए आज इस किसान संसद में दो बिल पेश किए जाएंगे। हम इन बिलों को लेकर देश के हर राज्यों में जाएंगे और सरकार पर दबाव बनाएंगे कि वो इन बिलों को पारित करे।''

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देशभर से करीब 184 किसान संगठन सोमवार को दिल्‍ली में जुटे हैं। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) के बैनर तले किसान संगठनों ने रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक विरोध मार्च शुरू किया है। इन किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य और कर्ज माफी की मांग है।

( नई दिल्ली से अरविंद शुक्ला, दिती बाजपेई और अश्विनी निगम की रिपोर्ट )

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