दार्जिलिंग से केंद्रीय बलों को न हटाने के लिए ममता का मोदी को पत्र

दार्जिलिंग से केंद्रीय बलों को न हटाने के लिए ममता का मोदी को पत्रदार्जिलिंग से केंद्रीय बलों को न हटाने के लिए ममता का मोदी को पत्र

कोलकाता (आईएएनएस)। दार्जिलिंग की पहाड़ियों पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों के एक बड़े हिस्से को वापस बुलाने के केंद्र सरकार के फैसले पर भड़कीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को कड़े शब्दों में पत्र लिखा। ममता ने केंद्र सरकार से इस फैसले को बदलने की मांग की है। ममता ने राजनाथ सिंह से फोन पर भी बात की और केंद्रीय बलों को वापस ना बुलाने का अनुरोध किया।

दार्जिलिंग के कुछ राजनीतिक दलों के साथ बैठक करने के बाद ममता बनर्जी ने संवाददाताओं को बताया, "पहले दार्जिलिंग से केंद्रीय बलों की 10 से 15 कम्पनियों को वापस बुलाने का फैसला किया गया था। अब मैंने राजनाथ जी से बात की है क्योंकि मैं उन्हें एक अच्छा इंसान मानती हूं, उन्होंने मुझसे कहा कि वे सात कम्पनियों को वापस बुला रहे हैं। लेकिन, फिर भी वहां पर 8 कम्पनियां अपर्याप्त हैं।" मोदी और राजनाथ को लिखे अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण और एकतरफा करार दिया है।

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ममता ने कहा, "मैंने आज (सोमवार को) माननीय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पत्र लिखे हैं।" पत्र को पढ़ते हुए ममता ने कहा, "मैंने इसे दुर्भाग्यशाली तथ्य करार दिया है, वर्तमान समय में आपके द्वारा ऐसा करना सही नहीं होगा। हम वहां से किसी भी कम्पनी को वापस भेजना नहीं चाहते हैं।" कलकत्ता उच्च न्यायालय के 14 जुलाई के आदेश के संदर्भ में ममता ने कहा, "यह बहुत ही दुर्भाग्यशाली है कि माननीय उच्च न्यायलय के आदेश का उल्लंघन हो रहा है।"

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न्यायालय ने केंद्र सरकार को बंगाल की पहाड़ियों पर दोबारा से शांति व्यवस्था को बनाने के लिए पर्याप्त केंद्रीय बल मुहैया कराने का आदेश दिया था। ममता ने दावा करते हुए कि पूर्वोत्तर के कुछ विद्रोही समूह और सीमावर्ती देश भी दार्जिलिंग में समस्या फैलाने वालों से मिले हुए हैं। साथ ही ममता ने कहा कि जब हम स्थिति सामान्य करने और शांति को बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं, तब इस स्थिति में केंद्रीय बलों को वापस बुलाना सामान्य ज्ञान के विपरीत है।

ममता ने कहा कि आपको विचार करना चाहिए कि हम हमारे देश की सुरक्षा और अखंडता के साथ समझौता नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री के रूप में, मैंने उन्हें एक कड़ा पत्र लिखा है, मैं केंद्र से अनुरोध करती हूं कि इस मुद्दे को एक संकीर्ण राजनीतिक कोण से न देखें, बल्कि उन्हें इस मुद्दे को व्यापक रूप से देखना चाहिए, वे इसे एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे के रूप में देखें।" ममता ने कहा कि मुझे लगता है कि पत्र मिलने के बाद हमें प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की तरफ से न्याय मिलेगा। जहां सुरक्षा का सवाल है, वहां उन्हें कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दार्जिलिंग में कुछ भी होता है तो उसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

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