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यूपी के लखीमपुर खीरी में फर्जी दस्तावेज लगाकर सरकारी खरीद केंद्र पर धान बेचने की कोशिश करने वाले 26 बिचौलियों के खिलाफ FIR

किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज लगा कर सरकारी खरीद केन्द्रों पर धान बेचने की कोशिश करने वाले 26 धान बिचौलियों के खिलाफ जिलाधिकारी ने एफआईआर दर्ज करायी है। इन बिचौलियों ने धान बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।

Mohit ShuklaMohit Shukla   31 Oct 2020 2:17 PM GMT

यूपी के लखीमपुर खीरी में फर्जी दस्तावेज लगाकर सरकारी खरीद केंद्र पर धान बेचने की कोशिश करने वाले 26 बिचौलियों के खिलाफ FIRलखीमपुर खीरी जिले की तहसील मितौली के सरकारी खरीद केंद्र में धान बिचौलियों को लेकर जांच करते जिलाधिकारी।

लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश)। किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज लगातार सरकारी रेट पर धान बेचने की कोशिश में जुटे 26 बिचौलिओं के खिलाफ यूपी में लखीमपुर खीरी जिले में रिपोर्ट दर्ज कराई गए है। जिन लोगों के नाम पर धान खरीद के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए थे, उनके से कई बताए गए गांवों के नहीं थे तो कई ऐसे किसानों के भी नाम दिए गए थे जिनके खेतों में धान की बजाए गन्ना लगा था।

इससे पहले 22 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर धान खरीद में लापरवाही बरतने पर प्रदेश स्तर पर 5 केंद्र प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था, 119 केंद्र प्रभारियों पर विभागीय कार्रवाई की गई थी। जबकि 8 केंद्र प्रभारियों को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मुख्यमंत्री की तरफ से जिलाधिकारियों को लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों को तुरंत जेल भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर जबकि बाकी प्रदेश में 15 अक्टूबर के बाद से सरकारी खरीद केंद्रों पर धान की खरीद की जा रही है। सरकारी खरीद केंद्र पर धान बेचने के लिए किसानों को खाद्य विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है, जिसके मिले टोकन के आधार पर धान की तौलाई होती है। धान का सरकारी रेट 1868 और 1888 रुपए है, जबकि खुले बाजार में 1000 से 1200 रुपए का रेट मिल रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य का फायदा उठाने के लिए कई जिलों में अधिकारी और आढती मिलकर किसानों का हक मार रहे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री ने धान खरीद की जिम्मेदारी जिलाधिकारी की तय की है।

उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की वेबसाइट के मुताबिक 31 अक्टूबर तक 472328.3 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। प्रदेश में अब तक धान खरीद के लिए 63447 किसानों ने आवेदन किया है। लखीमपुर खीरी से 27897 किसानों ने आवेदन किया है जिसमें से 5583 किसानों ने नाम खतौनी में मिसमैच है। लखीमपुर खीरी के सरकारी क्रय केन्द्रों पर धान बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले 26 बिचौलियों के खिलाफ जिलाधिकारी ने एफआईआर दर्ज कर कड़ा रुख अपनाया है।

लखीमपुर खीरी जिले की तहसील मितौली के सरकारी खरीद केंद्र औरंगाबाद में धान खरीद माफियाओं ने किसानों के फर्जी अभिलेखों के आधार पर धान विक्रय हेतु ऑनलाइन आवेदन कराए थे। इन ऑनलाइन आवेदन के सत्यापन एवं जांच के दौरान क्षेत्रीय लेखपाल ने फर्जी आवेदन पाए। इस खरीद केंद्र पर 26 किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज दिखाकर ऑनलाइन आवेदन किये गए थे। इसकी रिपोर्ट क्षेत्रीय लेखपाल सरोज कुमार ने उप जिलाधिकारी मितौली दिग्विजय सिंह को सौंपी थी।

जांच में सामने आया कि आवेदन किये गए 26 आवेदकों ने 200 कुंतल से अधिक धान बेचने के लिए आवेदन किया था। जांच में कुछ ऐसे आवेदक पाये गए जिनका उस गांव से कोई लेना-देना नहीं है। कुछ ऐसे किसानों के भी नाम थे जिनके पास इतनी भूमि भी नहीं है और आवेदन अधिक का कर दिया गया था।

26 धान बिचौलियों के खिलाफ दर्ज की गयी एफआईआर।

उप जिलाधिकारी मितौली दिग्विजय सिंह ने गांव कनेक्शन को बताया, "पूरे मामले की जानकारी जिला अधिकारी के संज्ञान में लाकर क्षेत्रीय लेखपाल सरोज के माध्यम से थाना मैगलगंज में सभी आवेदकों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।"

वहीं जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी शैलेंद्र कुमार सिंह 'गाँव कनेक्शन' से बताते हैं, "जिले की सभी तहसीलों में अभियान चलाकर ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। जो किसानों का हक मारने और शासन की मंशा के विपरीत कार्य में लिप्त है। ऐसे लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।"

कई ऐसे जो उगा रहे गन्ना

दूसरी ओर डिप्टी आरएमओ लाल मणि पांडे बताते हैं, "समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए सक्रिय बिचौलिया ऑनलाइन आवेदन में जो खसरा-खतौनी लगा रहे हैं उनमें कई ऐसे चिन्हित किए गए हैं जिन के खेत में गन्ने की फसल है। ऐसे लोगों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसलिए ऐसे लोगों ने अगर धान भेजा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और उनका गन्ना सट्टा भी निरस्त करने की संस्तुति की जा रही है। यह अभियान पूरे जिले में चलाया जा रहा है।"

30 अक्टूबर को धान खरीद की समीक्षा बैठक में भी उन्होंने निर्देश दिया था कि किसानों को धान खरीद में दिक्कत न हो। सरकार ने 50 कुंतल तक धान बेचने वालों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। धान खरीद में लगातार आ रही शिकायतों के बाद राज्यस्तर पर समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। प्रदेश में खुले बाजार में धान 1000 से 1200 रुपए कुंतल बेचा जा रहा है। यूपी से कई बिचौलिए और आढ़ती खरीदकर उसे पंजाब और हरियाणा की मंडियों में बेचते हैं- संबंधित खबर

धान खरीद संबंधी शिकायत के लिंक https://cms.up.gov.in/jsk/User/Complain_New_Public.aspx

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