इस राज्य में पेड़-पौधों को कानूनन गोद ले सकते हैं आप

इस राज्य में पेड़-पौधों को कानूनन गोद ले सकते हैं आपफोटो साभार: इंटरनेट

कोई आपसे कहे कि सामने जो आम का पेड़ लगा है, वो उसका भाई है...या उस पार्क में जो जामुन का पांच साल पुराना पेड़ खड़ा है, वो उसका बेटा है, तो क्या कहेंगे आप?

यूं तो पेड़-पौधों के साथ हमारा गहरा रिश्ता है, लेकिन सिक्किम में इन रिश्तों को अब नाम भी दिया जा सकता है, वो भी कानूनी रूप से। यानी लोग पेड़ों को बाकायदा गोद ले सकते हैं, उन्हें अपना बेटा, या भाई बना सकते हैं।

पेड़-पौधों को बचाने और जंगलों को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए सिक्किम के फॉरेस्ट ट्री अधिनियम में नया नियम जोड़ा गया है। इसके मुताबिक, अगर कोई पेड़ गोद लेना चाहे तो उसे वन विभाग को अर्ज़ी देनी पड़ेगी। एक बार अर्ज़ी मंज़ूर हो जाए तो उस पेड़ के साथ अर्ज़ी देने वाले का मिथ (भाई-भाई) या मिथिनी (भाई-बहन) का कानूनी रिश्ता बन जाएगा।

इस नियम के मुताबिक, किसी के द्वारा गोद लिए गए पेड़ को काटना, जलाना या नष्ट करना अपराध माना जाएगा और इसके लिए वन अधिनियम के तहत सज़ा भी दी जाएगी।

इस छोटे से राज्य का करीब 4000 वर्ग किलोमीटर (47.8 प्रतिशत) हिस्सा जंगलों से घिरा है। घने जंगलों, पेड़-पौधों और दुर्लभ प्रजातियों की वजह से सिक्किम, जैव विविधता के लिहाज़ से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण 18 क्षेत्रों में से एक माना जाता है।

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