आइए जानें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़ी 35 बातें

आइए जानें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़ी 35 बातें

करीब चार दशक तक भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता रहे अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया। हर दिल अजीज और हिमालय जैसे विराट व्यक्तित्व के स्वामी अटल बिहारी वाजपेयी का सम्मान उनके राजनीतिक विरोधी भी करते रहे। वाजपेयी जी की सेहत पिछले कई दिनों से काफी खराब थी वह दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। ऐसे में उनके जीवन से जुड़ी जानी-अनजानी बातों की चर्चा प्रासंगिक है। आइए 35 बिंदुओं में जानें अटल जी के जीवन को:

अटल जी ने कुछ अखबारों का संपादन भी किया था।

1. उनका जन्म 25 दिसम्बर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था।

2. अटल बिहारी वाजपेयी के पिता पण्डित कृष्ण बिहारी वाजपेयी मध्य प्रदेश की ग्वालियर रियासत में अध्यापक थे। उनकी मां का नाम कृष्णा बिहारी वाजपेयी था।

3. अटल जी की बी०ए० की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कालेज (वर्तमान में लक्ष्मीबाई कालेज) में हुई। छात्र जीवन से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने और तभी से राष्ट्रीय स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे।

4. अटल जी ने कानपुर के डी०ए०वी० कालेज से राजनीति शास्त्र में एम०ए० की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की।

5. अटल बिहारी वाजपेयी ने कानपुर से ही एल०एल०बी० की पढ़ाई भी शुरू की थी लेकिन उसे बीच में ही रोककर पूरी निष्ठा से संघ के कार्य में जुट गए।

6. डॉ॰ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के सान्निध्य में अटल बिहारी वाजपेयी की राजनीतिक विचारधारा का विकास हुआ।

7. अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रारम्भ में कुछ पत्रकारिता भी की। उन्होंने पाञ्चजन्य, राष्ट्रधर्म, दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन का कार्य किया। अटल बिहारी वाजपेयी आजीवन अविवाहित रहे।

8. अटल बिहारी वाजपेयी और उनके बड़े भाई को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अगस्त 1942 में अंग्रेज सरकार ने 23 दिन के लिए हिरासत में रखा था।

9. आजादी के बाद वह भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त हुए और उन्हें उत्तर भारत का प्रभारी बनाया गया।

10. 1957 में जन संघ ने उन्हें तीन लोकसभा सीटों लखनऊ, मथुरा और बलरामपुर से चुनाव लड़ाया था। वाजेपयी लखनऊ में चुनाव हार गए, मथुरा में उनकी ज़मानत ज़ब्त हो गई लेकिन बलरामपुर से चुनाव जीतकर वह लोकसभा में पहुंचे।

अपने परिवार के साथ युवा अटल बिहारी वाजपेयी


11. इस कार्यकाल में उनकी भाषणशैली से प्रभावित होकर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भविष्यवाणी की थी कि एक दिन अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे।

12. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मृत्यु के बाद 1968 में अटल बिहारी वाजपेयी जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।

13. 1975 से 1977 के बीच देश में लगे आपातकाल के दौरान अटल बिहारी बिहारी वाजपेयी कई बार जेल गए।

14. 1977 में कांग्रेस की जगह जनता पार्टी की सरकार बनी जिसके प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई और विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजेपेयी बने।

15. विदेश मंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा को हिंदी में संबोधित किया। संयुक्त राष्ट्र में पहली बार किसी ने हिंदी में भाषण दिया था। अटल बिहारी वाजपेयी इसे अपने जीवन का सबसे सुखद क्षण बताते हैं।

16. 1980 में अटल बिहारी वाजपेयी ने लाल कृष्ण आडवाणी, भैरों सिंह शेखावत के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की और वह बीजेपी के पहले अध्यक्ष भी बने।

17. अटल बिहारी वाजपेयी जनता पार्टी सरकार के बाद बनी कांग्रेस सरकार के मुखर विरोधी रहे। उन्होंने पजांब में आतंकवाद का विरोध किया लेकिन साथ ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नीतियों को आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया।

18. अटल बिहारी वाजपेयी लोकसभा के लिए 9 बार चुने गए। 1962 से 1967 और 1986 में वह राज्यसभा के सदस्य भी रहे।

19. 1996 के आम चुनावों में वाजपेयी की अगुआई में बीजेपी लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी।

20. तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने सरकार बनाने के लिए वाजपेयी को आमंत्रित किया।

21. वाजपेयी ने देश के 10वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली, लेकिन वह सदन में बहुमत नहीं साबित कर सके और 13 दिनों बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

22. 1998 के आम चुनावों में बीजेपी और सहयोगी दलों (एनडीए) को बहुमत मिला। वाजपेयी एक बार फिर प्रधानमंत्री बने।

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वाजपेयी की अगुआई में पोखरण में हुआ एटमी परीक्षण

23. वाजपेयी सरकार ने महज एक महीने बाद सत्ता में आने के बाद मई 1998 में राजस्थान के पोखरण में पांच एटमी परीक्षण किए। भारत ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 1974 में पोखरण में ही पहला एटमी परीक्षण किया था। गौरतलब है कि इसके बाद 1977 में संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने मशहूर भाषण में विदेश मंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था, "भारत न तो आणविक शस्त्र शक्ति है और ना बनना ही चाहता है। नई सरकार ने अपने असंदिग्ध शब्दों में इस बात की पुनर्घोषणा की है।"

24. 1998 के आखिर और 1999 के शुरू में वाजपेयी के प्रयासों से पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता शुरू हुई। 21 फरवरी 1999 को वाजपेयी और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच लाहौर समझौता हुआ। दिल्ली-लाहौर बस सेवा की शुरूआत हुई।

25. मई और जुलाई 1999 के बीच भारत और कश्मीर के कारगिल जिले में लाइन ऑफ कंट्रोल के आरपार भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ। भारत को विजय मिली।

26. सरकार बनाने के 13 महीनों बाद ऑल इंडिया द्रविड मुनेत्र कडगम (एआईएडीएमके) ने समर्थन वापस ले लिया। 17 अप्रैल 1999 को लोकसभा में एनडीए सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाई और एक वोट से हार गई। अटल बिहारी वाजपेयी ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में चुनाव करवाए।

27. 1999 के आमचुनावों में बीजेपी की अगुआई में एनडीए को 303 सीटों के रूप में पूर्ण बहुमत मिला।

28. 13 अक्टूबर 1999 को अटल बिहारी वाजपेयी ने तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला।

29. दिसंबर 1999 में पांच आतंकवादियों ने काठमांडू से नई दिल्ली आने वाली इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट आईसी 814 का अपहरण किया। सरकार के प्रयासों से कुछ आतंवादियों के बदले यात्री रिहा किए गए।

30. 1999 से 2004 के कार्यकाल में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और सर्व शिक्षा अभियान जैसी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की शुरूआत की।

31. 14-16 जुलाई 2001 के बीच पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बीच आगरा में आगरा समझौता हुआ।

32. 13 दिसंबर 2001 को कुछ पाकिस्तानी आतंकवादियों ने भारतीय संसद पर हमला किया।

33. 2001 में ही प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के घुटनों का ऑपरेशन किया गया।

34. 2009 में अटल जी को मस्तिष्क आघात के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद वह सार्वजनिक जीवन से लगभग रिटायर ही हो गए।

35. 2015 में अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

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