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LIVE: आधार कार्ड पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, गरीबों की पहचान है आधार कार्ड

LIVE: आधार कार्ड पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, गरीबों की पहचान है आधार कार्ड

लखनऊ। आधार कार्ड योजना की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाना शुरू कर दिया है। इन याचिकाओं में आधार को निजता के मौलिक अधिकार का हनन बताया गया है। इसके अलावा सरकार की योजनाओं के लिए आधार को अनिवार्य बनाने को भी चुनौती दी गयी थी।

हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज के पुट्टास्वामी समेत कई लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आधार योजना का विरोध किया था। उनकी तरफ दलील दी गयी थी कि आधार कार्ड बनाने के लिए बायोमिट्रिक जानकारी लेना निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। आधार एक्ट में इससे वैकल्पिक रखा गया है। किसी नागरिक के लिए आधार बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यानी एक तरह से लोगों को आधार कार्ड बनवाने के लिए मतबूर किया जा रहा है।

आपको बता दें कि इस मामले की सुनवाई 17 जनवरी को शुरू हुई थी जो 38 दिनों तक चली। आधार से किसी की निजता का उल्लंघन होता है या नहीं, इसकी अनिवार्यता और वैधता के मुद्दे पर 5 जजों की संवैधानिक पीठ ने अपना फैसला सुनाया।

लाइव:

  • आधार कार्ड की योजना की जस्टिस सीकरी, चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस एम खानविलकर का फैसला पढ़ा। फैसला पढ़ते हुए जस्टिस एके सीकरी ने कहा कि आधार कार्ड गरीबों की ताकत का जरिया बना है। ये आम लोगों की पहचान बना है। इसमें डुप्लीकेसी की संभावना नहीं है। आधार कार्ड पर हमला करना लोगों के अधिकारों पर हमला करने के समान है।
      • आधार एक्ट का सेक्शन 57 खारिज
      • आधार के बगैर भी मिलता रहेगा सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ
      • 6 महीने से ज्यादा आधार ऑथेंटिकेशन डेटा को स्टोर करके नहीं रखा जा सकता
              • बोर्ड एग्जाम में बैठने लिए CBSE नहीं मांग सकती आधार
            • स्कूलों में एडमिशन के लिए आधार जरूरी नहीं
            • आधार मामले पर फैसला सुनाते हुए जस्टिस सीकरी ने केंद्र सरकार से कहा, डेटा प्रोटेक्शन कानून जल्द से जल्द लाया
            • राइट टू प्राइवेसी का उल्लंघन नहीं, आज की तारीख में आधार एक्ट में ऐसा कुछ भी नहीं, जो राइट टू प्राइवेसी का उल्लंघन करता हो।
                • मोबाइल फोन से आधार लिंक करना जरूरी नहीं
                • बैंक अकाउंट से मोबाइल लिंक करना जरूरी नहीं
                    • यूजीसी और निफ्ट जैसी संस्थाएं आधार नहीं मांग सकती
                    • आधार की अनिवार्यता पर फैसला पढ़ते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बायोमीट्रिक डेटा की नकल नहीं की जा सकती।
                    • The judgement will have a far reaching effect because #Aadhaar is relevant for a large no. of subsidies. It is also relevant to plug loot & waste that has happened. I hope the judgement is in favour of #Aadhaar: Mukul Rohatgi, as AG he represented the government in Aadhaar case pic.twitter.com/Eb7ai0BNaQ
                      • आधार को लेकर कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने वाले महाधिवक्ता मुकुल रोहतगी का कहना है, "इस फैसले का असर बहुत दूर तक होगा, क्योंकि आधार बहुत-सी सब्सिडी से जुड़ा है। यह लूट और बरबादी को रोकने में भी कारगर है, जो होती रही हैं। मुझे उम्मीद है कि फैसला आधार के हक में आएगा। डेटा की सुरक्षा बेहद अहम है, और सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह डेटा की सुरक्षा करेगी। इस सिलसिले में कानून भी लाया जा रहा है।

                        • अब मोबाइल कंपनियां नहीं मांग सकती आधार
    • (updating).....

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