पश्चिम बंगालः बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस पर लगाया चुनावी हिंसा का आरोप, कई जगहों पर पुनर्मतदान की मांग

बीजेपी ने राज्य के जंगलमहल क्षेत्र के विभिन्न बूथों पर पुनर्मतदान की मांग की है।

पश्चिम बंगालः बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस पर लगाया चुनावी हिंसा का आरोप, कई जगहों पर पुनर्मतदान की मांग

लखनऊ। बंगाल में जारी चुनावी हिंसा के बीच बीजेपी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के छठे चरण में खुलेआम हिंसा होने दी। बीजेपी ने राज्य के जंगलमहल क्षेत्र के विभिन्न बूथों पर पुनर्मतदान कराने की मांग की।

अधिकारियों ने बताया कि बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व आईपीएस अधिकारी भारती घोष, घाटल लोकसभा सीट पर जब मतदान केन्द्रों पर जाने का प्रयास कर रही थीं तो उस दौरान स्थानीय लोगों ने दो बार उन पर कथित तौर पर हमला किया। केशपुर क्षेत्र भारती घोष जब एक पोलिंग एजेंट के साथ मतदान केन्द्र के भीतर जाने का प्रयास कर रहीं थी तो उसी दौरान महिलाओं के एक समूह ने उन पर कथित तौर पर हमला कर दिया। इस हमले में उन्हें मामूली चोंटे आईं। एक अन्य बूथ पर उनकी गाड़ी पर पथराव हुआ जिसमें उनका सुरक्षा गार्ड घायल हो गया। इसके अलावा बांकुरा में बीजेपी के उम्मीदवार सुभाष सरकार पर भी तृणमूल कांग्रेस के कथित गुंडों ने हमला किया।

केन्द्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "तृणमूल कांग्रेस स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से चुनाव कराये जाने से क्यों डरती है? ऐसा लगता है कि उन्होंने अपनी हार को भांप लिया है और इसलिए वे लोगों को वोट डालने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।" इसके बाद नकवी के नेतृत्व में बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की और हिंसा के बारे में शिकायत की।

नकवी ने कहा, तृणमूल कांग्रेस चुनाव आयोग को ठीक ढंग से काम नहीं करने दे रही है। वे बाधाएं उत्पन्न कर रहे है। राज्य सरकार के कुछ अधिकारी निष्पक्ष ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। हम इन अधिकारियों के खिलाफ भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त को अपनी शिकायत देंगे।

इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। उलटा आरोप लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि चुनाव में ड्यूटी कर रहे केन्द्रीय बल बीजेपी के आदेश पर काम कर रहे हैं और लोगों को भगवा पार्टी के पक्ष में वोट डालने के लिए मजबूर कर रहे है। पार्थ चटर्जी ने कहा, स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि केन्द्रीय बल लोगों को बीजेपी के लिए वोट करने को मजबूर कर रहे हैं। टीएमसी ने कहा कि आयोग के समक्ष पहले ही एक शिकायत दर्ज करा दी गई है।

वहीं बंगाल की एक और प्रमुख पार्टी सीपीआई (एम) के केंद्रीय समिति के सदस्य राबिन देब ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में चुनावों के दौरान हिंसा बंगाल की पहचान बन गई है। उन्होंने चुनाव आयोग को उचित तरीके से अपना कर्तव्य नहीं निभाने के लिए दोषी ठहराया।

(भाषा से इनपुट)

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