आधार बड़े काम का भी है, भटकी महिला को पति से मिलवाया

आधार बड़े काम का भी है, भटकी महिला को पति से मिलवायाआधार कार्ड।  फोटो प्रतीकात्मक

नई दिल्ली। भारत में आधार काफी चर्चित शब्द है। डिजिटलीकरण की तरह बढ़ रहे भारत में आधार लगभग हर जगह अनिवार्य किया जा रहा है, खास कर वहां जहां सरकारी लाभ मिलता है, लेकिन एक धड़े को लगता है कि वो उनकी निजता पर हमला है। खैर आधार के बहुत सारे फायदे भी हैं। चार महीने से अपने घर से बिछुड़ी एक महिला को आधार ने उसके परिवार से मिलवा दिया है।

आधार की मदद से एक महिला फिर अपने परिवार से मिल पाई। वह चार महीने पहले लापता हो गई थी। पुलिस को दिल्ली की सड़कों पर 31 वर्षीय एक महिला लावारिस हालत में मिली थी। अदालत ने महिला को नर्मिल छाया आश्रय गृह भेजने और अधिकारियों को उसका आधार नामांकन करवाने का नर्दिेश दिया था।

भारतीय विशष्टि पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई में पहले से मौजूद था महिला का ब्यौरा, उसी आधार पर चला परिवार का पता

आधार कार्ड बनवाती महिला।

महिला का आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के दौरान पता चला कि उसका बॉयोमेट्रिक रिकार्ड आधार डेटाबेस में पहले से मौजूद है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने भारतीय विशष्टि पहचान प्राधिकरण ( यूआईडीएआई ) से उसका ब्यौरा हासिल किया। अदालत के निरतंत प्रयास तब रंग लाए जब पुलिस अधिकारियों ने महिला के बारे में जानकारी मिलने की सूचना मेट्रोपोलट्रिेन मजस्ट्रिेट अभिलाष मल्होत्रा को दी।

महिला के लापता होने के बारे में 30 नवंबर 2017 को राजस्थान के अलवर जिले के मलखेरा थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने महिला के पति से संपर्क किया और वह अपनी पत्नी को घर ले जाने के लिए सहर्ष तैयार हो गए।

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हाल में सुनवाई के दौरान महिला को और उनके पति को अदालत में लाया गया। महिला को रोहिणी के आशा किरण आश्रय स्थल में रखा गया था। जांच अधिकारी ने कहा कि उन्होंने व्यक्ति की पहचान का सत्यापन किया है और महिला के अपने परिवार के साथ जाने में पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। मजिस्ट्रेट ने बताया, “आशा किरण में आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद मरीज को उनके पति को सौंप दिया गया। महिला के पति को उनका इलाज जारी रखने का नर्दिेश दिया गया है।” अदालत ने महिला को उसके परिवार से मिलवाने के लिए अथक प्रयास करने वाले कश्मीरी गेट पुलिस थाने के थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार सिंह की भी प्रशंसा की। पुलिस को महिला फरवरी माह में कश्मीरी गेट के नजदीक मिली थी। (भाषा)

ये वो सरकारी वेबसाइट है, जिस पर क्लिक करके आप अपने आधार संबंधित कई जानकारियां हासिल कर सकते हैं. https://uidai.gov.in/hi

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