आलू की कम कीमतों के विरोध में किसानों ने सीएम योगी को भिजवाई आलू की माला

आलू की कम कीमतों के विरोध में किसानों ने सीएम योगी को भिजवाई आलू की मालाविरोध में आलू फेंकते किसान।

कन्नौज (उत्तर प्रदेश)। प्रदेश में इस बार आलू माटी मोल हो गया है। बुवाई का सीजन शुरु हो गया है लेकिन किसानों को सही कीमत नहीं मिल पा रही है। अच्छा रेट न मिलने से नाराज किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखने लगा है।

आलू की बेल्ट के नाम से मशहूर कन्नौज जिले में एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। रेट न मिलने से नाराज किसानों ने आलू फेंका और मुख्यमंत्री के लिए आलू की माला भेंट की। जिला मुख्यालय कन्नौज से पांच किमी दूर गाँव जलालपुर पनवारा में सोमवार को किसान संघर्ष समिति के बैनर तले जिले भर के किसान इकट्ठे हुए। प्रदेश अध्यक्ष गीतेंद्र सिंह यादव ने बताया, ‘‘आलू किसानों की कोई सुन नहीं रहा है। लागत नहीं निकल रही है। कोल्ड स्टोरेज का किराया नहीं निकल रहा है। क्रेडिट कार्ड का आखिर किसान रेन्यूवल कहां से कराएंगे।”

आलू किसानों की कोई सुन नहीं रहा है। लागत नहीं निकल रही है। कोल्ड स्टोरेज का किराया नहीं निकल रहा है। क्रेडिट कार्ड का आखिर किसान रेन्यूवल कहां से कराएंगे।
गीतेंद्र सिंह यादव, प्रदेश अध्यक्ष, किसान संघर्ष समिति

प्रदर्शन करते किसान नेता।

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जनसभा के दौरान ट्राली भरकर आलू खेतों में फेंक दिया गया। फसल का कम मूल्य मिलने की वजह से किसानों ने ऐसा किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के लिए आलू की एक माला तहसीलदार ऋषिकांत राजवंशी को भेंट की है। वहीं प्रदर्शन करने वालों ने ज्ञापन भी सौंपा है।

ज्ञापन में आलू पर लगने वाला मंडी शुल्क पूरी तरह से खत्म करने, कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू पर 100 रुपए प्रति कुंतल सब्सिडी किसानों को सीधे खाते में भेजने, आलू निर्यात करने, आलू पर आधारित उद्योग लगाने और नलकूप बिजली का बिल फ्री किए जाने की मांग की गई है।

किसानों ने ज्ञापन सौंपा है। मुख्यमंत्री जी को देने की बात कही है। इसमें आलू मंडी शुल्क खत्म किए जाने की मांग की गई है। इसे एसडीएम को कार्रवाई के लिए दे दिया है।
ऋषिकांत राजवंशी, तहसीलदार सदर, कन्नौज।

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मुख्यमंत्री के लिए आलू की माला भेंट करते किसान।

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