देश में एक करोड़ लोगों ने स्वेच्छा से छोड़ी एलपीजी सब्सिडी : सरकार 

देश में एक करोड़ लोगों ने स्वेच्छा से छोड़ी एलपीजी सब्सिडी : सरकार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान।

नयी दिल्ली। आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से एलपीजी सब्सिडी छोड़ने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद से एक करोड़ से अधिक लोग स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ चुके हैं। लोकसभा में पूनम मदाम के प्रश्न के लिखित उत्तर में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज यह जानकारी दी।

प्रधान ने कहा कि 30 जनवरी, 2018 तक एक करोड़ से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं ने गिव इट अप अभियान के तहत स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ दी।

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पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि एलपीजी में प्रत्यक्ष अंतरण योजना से 2017-18 (अप्रैल से नवंबर तक) सरकार को 3,799 करोड़ रुपए की बचत हुई। वर्ष 2016-17 में इस योजना की वजह से कुल 4,608 करोड़ रुपए की बचत हुई थी।

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प्रधानमंत्री की अपील पर रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने के ‘गिव-इट-अप’अभियान की शुरुआत जनवरी 2015 में शुरू हुई थी। ग्राहक फिलहाल साल 14.2 किलो 12 सिलेंडर या पांच किलो के 34 सिलेंडर सब्सिडी दर पर लेने के हकदार हैं। फिलहाल सब्सिडी वाला 14.2 किलो का सिलेंडर लखनऊ में 775 रुपए में उपलब्ध है।

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इस योजना का संबंध सीधे-सीधे उज्जवला स्कीम को मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 मई 2016 को गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाले पांच करोड़ परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की 8,000 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई है। इस योजना में एलपीजी सब्सिडी छोड़ने से हुई बचत का उपयोग किया जाएगा।

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गांव कनेक्शन/इनपुट भाषा

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