देश में दो बार नोटबंदी हुई, जानें अहम बातें

देश में दो बार नोटबंदी हुई, जानें अहम बातेंनोटबंदी। फाइल फोटो

लखनऊ। आजाद भारत में नोटबंदी दो बार हुई। पहली बार वर्ष 1978 और दूसरी बार 8 नवंबर 2016 में की गई।

भारत में आठ नवंबर 2017 को नोटबंदी का एक साल पूरा हुआ। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठीक आज के ही दिन देश में काले धन को समाप्त करने के लिए नोटबंदी की घोषणा की। इस घोषणा से पूरे देश में 500 रुपए और 1000 रुपए के नोट का चलन खत्म हो गया।

देश में इमरजेंसी हटने के बाद हुए नए चुनाव में जनता पार्टी ने बहुमत हासिल किया। मोरारजी देसाई को एकमत से देश का प्रधानमंत्री चुना गया। 24 मार्च 1977 को उन्होंने सत्ता की बागडोर संभाली। देश को काले धन से मुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने वर्ष 1978 में नोटबंदी की घोषणा कर दी। जिसमें 1000, 5000 और 10,000 रुपए के नोटों के चलन पर पाबंदी लगा दी गई थी।

ब्रिटिश सरकार ने सबसे पहले 10,000 रुपए तक के नोट वर्ष 1938 में छापे थे।

देश से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

वर्ष 1978 की नोटबंदी की अहम बातें:

  1. 1,000, 5,000 व 10,000 के नोट बंद किए गए थे।
  2. नोटबंदी से देश की 99 प्रतिशत जनता अनभिज्ञ थी।
  3. देश की 95 प्रतिशत जनता ने 1,000, 5,000 व 10,000 रुपए के नोट कभी देखे ही नहीं थे।
  4. तब नोट तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए गए थे।
  5. उस वक्त रिज़र्व बैंक से जारी कुल करेंसी का सिर्फ 20 फीसद हिस्सा थे बंद किए गए नोट।
  6. उस वक्त रिज़र्व बैंक व कुछ चुनिन्दा भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं पर ही नोट बदले गए थे।
  7. उस वक्त नोटबंदी के समय सताधारी दल लोकसभा व राज्यसभा दोनों में बहुमत था।

यह भी जानें :- दोनों वक्त नोटबंदी की घोषणा करने वाले देश के प्रधानमंत्री गुजरात राज्य से थे। दोनों ही प्रधानमंत्रियों ने भारी बहुमत हासिल कर देश की सत्ता हासिल की थी। दोनों बार कांग्रेस विपक्ष में रही। एक खास बात और है कि दोनों ही नोटबंदी के वक्त रिज़र्व बैंक के गवर्नर ‘पटेल’ थे। वर्ष 1978 में ‘आई.जी.पटेल’ गवर्नर थे तथा 2016 में ‘उर्जित पटेल’ गवर्नर है।

साल 2016 की नोटबंदी की खासियत कुछ इस प्रकार थी।:-

  1. वर्ष 2016 की नोटबंदी में 500 व 1,000 के नोट बंद किए गए थे।
  2. वर्ष 2016 की नोटबंदी में 500 व 1,000 के नोटों को 80 प्रतिशत से भी ज्यादा भारतीयों ने देख रखे थे।
  3. वर्तमान नोटबंदी में 500 रुपए व 1000 रुपए के नोट सभी बैंकों में एक्सचेंज किए गए।
  4. वर्ष 2016 की नोटबंदी से गांव के किसान सहित बाजार व उद्योग जगत का बहुत बुरा हाल है।
  5. नोटबंदी के बाद डिजिटल ट्रांजैक्शन तेजी से आगे बढ़ा।
  6. वर्ष 2016 की नोटबंदी के समय सताधारी दल लोकसभा में तो बहुमत में था पर राज्यसभा में बहुमत में नही था।

फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top