मध्य प्रदेश विधानसभा ने पास किया दुष्कर्म के दोषियों को फांसी दिलाने वाला विधेयक  

मध्य प्रदेश विधानसभा ने पास किया दुष्कर्म के दोषियों को फांसी दिलाने वाला विधेयक  प्रतीकात्मक फोटो

भोपाल। 12 साल तक की बच्ची से रेप के मामले में मध्य प्रदेश की विधानसभा ने एक ऐतिहासिक बिल को मंजूरी दी है। जिसके तहत अब 12 साल से कम उम्र की बच्‍ची के साथ रेप करने का दोषी पाए जाने पर गुनहगारों को सजा-ए-मौत की सजा दी जाएगी।

इस बिल के तहत 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ बलात्कार करने के दोषी को मौत की सजा देने का प्रावधान किया गया है। यह सजा गैंगरेप वाले मामले में भी लागू होगी। ​रेप के मामलों में इस तरह का सख्त कानून बनाने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

वहीं राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा में कहा कि लगातार छेड़छाड़ को गैर जमानती अपराध माना जाए की वकालत भी की है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग 12 साल तक की बच्चियों के साथ रेप करते हैं वो मनुष्य नहीं हैं, बल्कि वो पिशाच हैं और उन्हें जीने का अधिकार नहीं है।

एक लाख तक का जुर्माना

सरकार ने बलात्कार मामले में सख्त फैसला लेते हुए आरोपियों के जमानत की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है। इस तरह मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां बलात्कार के मामले में इस तरह के कानून के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। साथ ही शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण करने के आरोपी को सजा के लिए 493 क में संशोधन करके संज्ञेय अपराध बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

मध्य प्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था पर खड़े हो चुके हैं सवाल

महिलाओं के खिलाफ आदतन अपराधी को धारा 110 के तहत गैर जमानती अपराध और जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है। महिलाओं का पीछा करने, छेड़छाड़, निर्वस्त्र करने, हमला करने और बलात्कार का आरोप साबित होने पर न्यूनतम जुर्माना एक लाख रुपए लगाया जाएगा। हाल ही में राजधानी भोपाल में हुई गैंग रेप की घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए थे। यही नहीं, पीड़िता ने भी कहा था कि आरोपियों को चौराहे पर फांसी दी जाए।

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