मंदसौर पर महाभारत: किसान आंदोलन के बहाने एक-दूसरे को घेरने में जुटे नेता

मंदसौर पर महाभारत: किसान आंदोलन के बहाने एक-दूसरे को घेरने में जुटे नेताएक-दूसरे पर अारोप लगाने में जुटे हैं नेता

भोपाल। मंगलवार को मंदसौर में सुबह 11.30 बजे अचानक से हज़ार से ज़्यादा किसान सड़क पर उतर आए। तब से शुरू हुआ किसान आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस फायरिंग में पांच किसानों की मौत के बाद आंदोलन और उग्र हो गया। मध्यप्रदेश में बिगड़ते माहौल के बीच भी नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में लगे हैं। किसानों के इस हिंसक आंदोलन के बीच नेताओं के बीच भी मंदसौर पर महाभारत शुरू हो गई है। बीजेपी इस उग्र प्रदर्शन के लिए कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहरा रही है और कांग्रेस किसानों की हालत के लिए सरकार पर दोष लगा रही है।

क्या कहा नेताआें ने

दिग्विजय सिंह ने बुधवार को मध्यप्रदेश बंद रखने की अपील की थी और कहा था कि लोग इसमें मदद करें। दिग्विजय सिंह सीएम का इस्तीफा भी मांग रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह तंज कसते हुए ट्वीट किया था - शिवराज जी थोड़ी सी भी शर्म हो तो इस्तीफ़ा दे दो। अपने आप को किसान का बेटा कहते हो और निहत्थै किसानों पर गोली चलाते हो। घोर कपूत बेटे हो।

राहुल गांधी भी मंदसौर जाने की लगातार कोशिश में थे। मध्य प्रदेश सरकार ने उनके मंदसौर ज़िले में प्रवेश पर रोक लगा दी और ज़िले की सीमा पर 400 सुरक्षाकर्मी तैनात किए ताकि राहुल मंदसौर न पहुंच सकें लेकिन राहुल अब मोटरसाइकिल से मंदसौर जाने के लिए रवाना हुए थे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

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इससे पहले बुधावार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि राहुल गांधी को समझना चाहिये कि उनके मंदसौर जाने से तनाव बढ़ेगा, इसलिए उन्हें इजाजत नहीं दी गई है। तोमर ने यह भी दावा किया कि असामाजिक तत्व भी लोगों को भड़का रहे हैं।

इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघ्वी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, किसान लगाते हैं कर्जमाफी की गुहार और भाजपा करती है गोलियों की बौछार। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि बिचौलियों से किसान हैं बेहाल, भाजपा ने उनको दे दी है बंदूकों की नाल।

कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। वे अपनी जिम्मेदारी किसी पुलिस अफसर पर नहीं मढ़ सकते। मंदसौर में लाशों पर बोलियां लगाई जा रही हैं। 5 लाख, 10 लाख, 1 करोड़ (मुआवजे) की बात की जा रही है। ये शर्मनाक है।

जेडीयू नेता शरद यादव ने बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हम एक साथ मंदसौर जाने की योजना बना रहे हैं। हमने इस तरह का आंदोलन पहले नहीं देखा। मध्य प्रदेश सरकार 6 मौतों का आंकड़ा दे रही है, लेकिन हमें लगता है कि मौतें ज्यादा हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को एमएस स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशें मान लेनी चाहिए।

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उधर केंद्रीय सूचना और प्रसारण एम वैंकेया नायडू ने मंदसौर किसान आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ दिया है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस इसे राजनीतिक मोड़ देने की कोशिश कर रही है। मैं उनसे बस यही कहना चाहता हूं कि वे इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करें और किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा नहीं भड़काए, क्योंकि इसका असर उल्टे उन्हीं पर हो सकता है।" उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हालात का राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।

वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने आंदोलन में हिंसा भड़काने का सुनियोजित प्रयास किया था। इसके बाद सीएम ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा- दो दिन में किसानों से जो चर्चा हुई, उसके मुताबिक मांगें मंजूर कर ली गई हैं। कुछ असामाजिक तत्व अपने स्वार्थ के कारण प्रदेश में अशांति फैलाना चाहते हैं। आप उनसे सावधान रहें। बहकावे में ना आएं। अभी भी कोई समस्या है तो हम आपस में मिल-बैठकर, चर्चाकर उसका समाधान निकाल लेंगे।

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पीएम मोदी ने भी किसान आंदोलन को लेकर वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की। ख़बरों के अनुसार, देश के कई हिस्सों में किसानों का प्रदर्शन और मंदसौर में हुई फायरिंग पर इसमें चर्चा हुई। गृहमंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, कृषि मंत्री राधामोहन सिंह समेत कई वरिष्ठ मंत्री इस बैठक में शामिल हुए।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सरकार पर निशाना साधते हुए फेसबुक पर पोस्ट लिखा - हम दो साल से कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों और सरकार के साथ बीमा कंपनियाँ ठगी कर रही हैं, तब भाजपा सरकार ने गौर नहीं किया और अब सरकार ही मान रही है कि बीमा कंपनियां किसानों की फसल खराबी के सही सही क्लेम का भुगतान भी नहीं कर रही है। लोकतंत्र में जब सरकार विपक्ष के मुद्दों पर ध्यान नहीं देती तब जनता का नुकसान होता है।

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