मध्यप्रदेश में एक और किसान ने दी जान, कई बार रिश्वत देने पर भी नहीं मिला मुआवजा

मध्यप्रदेश में एक और किसान ने दी जान, कई बार रिश्वत देने पर भी नहीं मिला मुआवजानरसिंहपुर में आत्महत्या करने वाले किसान के परिजन इनसेट में मृतक का फाइल फोटो।

नरसिंहपुर (मध्यप्रदेश)। मध्यप्रदेश में पिछले दस दिनों के बीच 16 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। भारी कर्ज की समस्या और फसल की कम कीमत मिलने के चलते किसान अपनी जान दिनों दिन गंवा रहे हैं। इससे पहले किसान आंदोलन के चलते पुलिस फायरिंग में 6 लोग मारे गए थे। मंगलवार को नरसिंहपुर जिले के एक और किसान ने आत्महत्या कर ली है।

बाबुओं को छह बार दी 500-500 की रिश्वत

नरसिंहपुर में तीन महीने पहले आग में जली 3 एकड़ की गेहूं की फसल के मुआवजे के लिए किसान ने तहसील के चक्कर काटे। छह बार बाबुओं को 500-500 की रिश्वत भी दी, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। 20 हजार रुपए बिजली के बिल भरने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए कनेक्शन कटने से सूख रही मूंग की फसल से चिंतित नरसिंहपुर के धमना गांवके किसान लक्ष्मी प्रसाद (65) ने मंगलवार को सल्फास खाकर घर में आत्महत्या कर ली।

मौत के तुरंत बाद लेखपाल ने डाली मुआवजा राशि

किसान पर यूको बैंक से चार लाख रुपए का कर्ज था। मृतक किसान के भतीजे भगवान सिंह ने बताया कि उसके फूफा लक्ष्मी प्रसाद की आत्महत्या के कुछ देर बाद ही उनके खाते में 12900 रुपए की राशि प्रशासन ने डाल दी। आनन-फानन में लेखपाल मुरारीलाल श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया।

ट्यूबवेल की बिजली काटने के बाद मूंग फसल भी सूख गई

बेटे चैनसिंह और टावल सिंह ने बताया कि परिवार के पास 7 एकड़ की जमीन है। एक हिस्से पर मूंग की फसल बोई गई है। पैसे न होने के कारण 20 हजार बिजली का बिल नहीं भरा गया। इसलिए खेत पर लगे ट्यूबवेल की बिजली कंपनी ने काट दी। इसकी वजह से फसल सूख गई। इस फसल को बेचकर हम बैंक का 4 लाख का कर्ज चुकाने वाले थे। अगर समय रहते मुआवजा मिल जाता तो वे बिल चुकाते और फसल भी तैयार हो जाती।

परिजन अंतिम संस्कार से इनकार किया, कलेक्टर को बुलाकर माने

घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में किसानों की भारी भीड़ जुट गई। कांग्रेस-भाजपा नेताओं का जमावड़ा लग गया। एडीएम, एसडीओपी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन मृतक के परिजनों ने कहा कि जब तक कलेक्टर नहीं आएंगे तो वह शव नहीं ले जाएंगे।

डीएम ने दिया आश्वासन

इसके बाद कलेक्टर डॉ. आरआर भोंसले पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि मामले में दोषियों पर कार्रवाई करते हुए शासन से मदद भी दिलाई जाएगी। आश्वासन के बाद मृतक के परिजन शव लेकर धमना पहुंचे, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

दोषियों पर होगी कार्रवाई

एसडीएम नरसिंहपुर जीएस धुर्वे ने बताया किे लेखपाल ने फसल क्षति का प्रतिवेदन देर से दिया। इस वजह से किसान को समय पर राहत नहीं मिल पाई। 19 जून को भी किसान लक्ष्मी प्रसाद तहसील आए थे, तब ही मामले की फाइल निकलवाई गई थी। उसके बाद मंडी में व्यस्त हो गए। वैसे किसान के खाते में 12 हजार 900 रुपए की राशि जमा हो गई है। मामले में गलतियां तो हुई हैं, जो भी दोषी है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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