यूपी की मंडियां होंगी चकाचक, सभी शौचालय होंगे शुरू, कचरा होगा साफ

निदेशक मंडी ने गाँव कनेक्शन को बताया, "बापू की 150वीं जयंती पर मंडियों में छेड़ा जाएगा साफ-सफाई का अभियान

यूपी की मंडियां होंगी चकाचक, सभी शौचालय होंगे शुरू, कचरा होगा साफ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मंडियों में साफ-सफाई चकाचक करने के साथ ही सभी शौचालय चालू हालत में किए जाएंगे। इसके लिए मंडी परिषद ने दो अक्टूबर, 2019 का लक्ष्य रखा है। प्रदेश की मंडियों में हर रोज निकलने वाला कचरा और शौचालयों की दुर्दशा के कारण गंदगी का अंबार लगा रहता है। जबकि हर रोज हजारों लोग हर मंडियों में आते हैं।

गाँव कनेक्शन से बात करते हुए उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के निदेशक जेपी सिंह ने बताया, "हमने 60 जगह डीलक्स ट्वायलेट्स बनाए हैं, अलग-अलग मंडियों में। सुलभ इंटरनेशनल आदि के साथ रिव्यू भी कर रहे हैं। हमारी कोशिश है गांधी जी की 150वीं जयंती पर दो अक्टूबर, 2019 को हम प्रदेश की सभी मंडियों में सौ फीसदी चालू हालत में शौचालय उपलब्ध करा दिए जाएं।"

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साथ ही, निदेशक मंडी परिषद ने कहा, "मंडियों से निकलने वाले कचरे की सफाई के लिए बायोगैस या खाद बनाने की ओर विचार चल रहा है। जो खाद बनेगी वो किसानों को दे दी जाएगी।"

किसानों की आमदनी बढ़ाने के तरीके को बताते हुए निदेशक मंडी परिषद ने कहा, "अमूमन क्या है कि किसान एक आम चलन के हिसाब से फसल पैदा करते हैं, और मंडी लेके आते हैं। लेकिन अगर मांग के हिसाब से किसान खेती करें, जैसे-जिस समय ज्यादा मांग हो तब फसल सामने आए तो उन्हें अधिक मुनाफा होगा। ऐसे खेती को प्लान करने से ज्यादा मुनाफा होगा।"

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किसानों को सलाह देते हए निदेशक ने कहा, "किसान मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कर लें तो मंडी के भावों से लगातार अपडेट रहेंगे," आगे मंडी परिषद की उपलब्धियों को बताते हुए कहा, "यूपी मंडी परिषद की आय पिछले दो सालों में 1200 करोड़ रुपये से बढ़कर 1823 करोड़ रुपये हो गई है। जबकि 2012 से 2017 के बीच मात्र 65 करोड़ रूपये आय बढ़ी थी।"

किसानों को उत्तर प्रदेश की मंडियों में आगे मिलने वाली सहूलियतों, अनाज बेचने के लिए साफ सुथरी जगह उपलब्ध करवाने के बारे में निदेशक मडी परिषद जेपी सिंह ने कहा, "हम एक पारदर्शी तरीके से प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। पूरी कोशिश है कि जो भी मंडी में सुविधाएं दें वो सबसे अच्छी हों। आधारभूत सुविधाओं को हम जितना अच्छा कर लें, वही बेहतर है।"

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