सीमैप में प्रशिक्षण कार्यक्रम में कई देशों के सदस्य लेंगे हिस्सा

सीमैप में प्रशिक्षण कार्यक्रम में कई देशों के सदस्य लेंगे हिस्सा

लखनऊ। केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप) लखनऊ को हिन्द महासागर तटीय सहयोग संघ (आईओआरए-आरसीएसटीटी) के क्षेत्रीय केंद्र द्वारा औषधीय पौधों के लिए समन्वय केंद्र के रूप में नामित किया गया है।

इस समन्वय केंद्र की स्थापना व संचालन के लिए वित्तीय सहयोग विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदान किया है। सीएसआईआर-सीमैप इस केंद्र के माध्यम से आईओआरए-आरसीएसटीटी के 21 सदस्य देशों और 7 डाइयलोग पार्ट्नर्स में औषधीय पौधों और उनके उत्पादों पर खेती प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रशिक्षण, अनुसंधान और विकास, व्यापार, वाणिज्य और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का समन्वय करेगा।

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सीएसआईआर-सीमैप के निदेशक प्रोफेसर अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया, "प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन 26 नवंबर 2016 को उत्तर प्रदेश के डॉ. दिनेश शर्मा, माननीय उपमुख्यमंत्री तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में कल्पना अवस्थी, प्रिन्सिपल सेक्रेटरी, पर्यावरण और वन, उत्तर प्रदेश सरकार सम्मानीय अतिथि होंगी ।0 प्रोफेसर त्रिपाठी ने बताया कि इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले सदस्यों द्वारा अपने संबंधित देशों में औषधीय पौधों, विशेषज्ञों, संस्थानों, बाजार और औषधीय पौधों के उत्पादों के गुणवत्ता मानकों की वर्तमान स्थिति साझा करेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि 12 एक्सटर्नल विशेषज्ञों के द्वारा पौधों की पहचान, डेटाबेस और दस्तावेज, जीन बैंक, औद्योगिक लिंकेजस और हर्बल उत्पाद निर्माण पर डेलिगेट्स को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। छह दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पौधों की पहचान और इसके महत्व, औषधीय पौधों और पारंपरिक ज्ञान, कच्चे दवाओं और औषधीय उत्पादों की वर्तमान नियामक स्थिति, औषधीय पौधों की डिजिटलीकरण रणनीतियों और अंतरराष्ट्रीय नियामक उपायों जैसे विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हर्बल उत्पादों के उत्पादन-संबंधी, केमिकल इंजीनियरिंग फेसिलिटी तथा सीएसआईआर-सीमैप पायलट प्लांट सुविधा का भ्रमण भी कराया जाएगा ।

मनोज सेमवाल, सीनियर वैज्ञानिक ने बताया कि छह दिवसिया प्रशिक्षण कायक्रम में केन्या, मॉरीशस, ईरान, मोजाम्बिक, श्रीलंका, मलेशिया, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, सेशेल्स और बांग्लादेश के 28 सदस्य भाग ले रहे हैं ।

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