सूरज और हवा दिला रहे लाखों नौकरियां

सूरज और हवा दिला रहे लाखों नौकरियांफोटो साभार : इंटरनेट

जी हां, सूरज और हवा से देश में लाखों लोगों को नौकरियों की सौगात मिलेगी। सूरज यानि सौर ऊर्जा से और हवा यानि पवन ऊर्जा से न सिर्फ हमें स्वच्छ वातावरण मिलेगा, बल्कि ये दोनों ही क्षेत्र लाखों नौकरियों के अवसर भी युवकों के लिए लेकर आ रहे हैं। आइए एक नजर में जानते हैं कि कैसे सूरज और हवा के जरिए किस तरह से नौकरियां पैदा हो रही हैं।

अब तक 70 हजार से ज्यादा नौकरियां

आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा लगभग 70,000 से ज्यादा लंबे समय की यानि पूर्णकालिक नौकरियां दिला जा चुकी हैं। वर्ष 2011 से 2014 के बीच सोलर फोटोवोल्टेक प्रोजेक्ट ने अकेले 24,000 नौकरियां पैदा की हैं।

इस क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवसर

सौर और पवन ऊर्जा, दोनों ही क्षेत्र में लगातार नौकरियों के अवसर बढ़ते जा रहे हैं। बड़ी बात यह है कि इन क्षेत्रों में केवल शहरों में ही नहीं, बल्कि गाँवों में भी नौकरियों के आसार बढ़ रहे हैं। अगर घरों और ऑफिस में सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं, तो गाँवों में खेतों में भी सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन क्षेत्र में सबसे बड़े तीन फायदे सामने आ रहे हैं, पहला- सौर और पवन ऊर्जा से बिजली उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, इससे लोगों को सस्ती दर पर बिजली मिलेगी। दूसरा- बड़े स्तर पर नौकरियों के अवसर पैदा हो रहे हैं और तीसरा- ये दोनों ही क्षेत्र वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है।

रिपोर्ट में सामने आए रोजगार के आंकड़े

प्राकृतिक संसाधन रक्षा परिषद और गैर सरकारी संगठन ऊर्जा, पर्यावरण एवं जल परिषद की ओर से ताजा अध्ययन में जारी रिपोर्ट में बताया है कि वर्ष 2016-17 में सौर ऊर्जा के जरिए देशभर में 21,000 से ज्यादा लोगों को नौकरियां मिली हैं, दूसरी ओर 2017-18 में 25,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

बड़ा लक्ष्य, ज्यादा नौकरियां

न्यूजफिल्क्स वेबसाइट की मानें तो वर्ष 2022 तक सौर ऊर्जा से भारत में 100 गिगावॉट ऊर्जा उत्पन्न करने का लक्ष्य है, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए लगभग 10 लाख नौकरियों का सजृन होगा। दूसरी ओर, पवन ऊर्जा से 2022 तक 60 गिगावॉट पवन ऊर्जा पैदा करने का लक्ष्य है, जो भारत में 1,83,500 नौकरियां दिलाएगा।

कैसे आएंगी नौकरियां

अगर हम सौर ऊर्जा की ओर ध्यान दें, तो सरकार को 100 गिगावॉट ऊर्जा का लक्ष्य हासिल करने के लिए कई मेगा सोलर प्रोजेक्ट और लेबर इंटेसिव रुफटॉप लगाने होंगे। आंकड़ों पर नजर डालें तो 40 गिगावॉट रुफटॉप के जरिए कम समय के लिए 7,89,635 नौकरियां सृजित होंगी। वहीं, 40 गिगावॉट बड़े स्तर के प्रोजेक्ट के लिए 20 गिगावॉट सोलर पार्क्स से 2,96,782 नौकरियां लंबे समय के लिए यानि पूर्णकालिक नौकरियां मिलेंगी।

पवन ऊर्जा से भी लाखों नौकरियां

दूसरी ओर, पवन ऊर्जा से भी लाखों नौकरियां सृजित होंगी और लोगों को रोजगार मिलेगा। आंकड़ों की मानें तो पवन ऊर्जा से 1,48,635 अल्पकालिक नौकरियां यानि कम समय की नौकरियां सृजित होंगी, दूसरी ओर 34,865 पूर्णकालिक नौकरियां यानि लंबे समय के लिए नौकरियां मिलेंगी। बड़ी बात यह भी है कि पवन ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षित और अप्रशिक्षित दोनों तरह के लागों को खूब काम मिल सकेगा। अनुमान है कि 16 प्रतिशत प्रशिक्षित, 59 प्रतिशत अल्प-प्रशिक्षित और 25 गैर-प्रशिक्षित लोगों को नौकरियां मिलेंगी।

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