''मेरी मासूम बच्‍ची को मार डाला, मुझे उसके लिए मौत चाहिए''

लखनऊ के महानगर थाने में शुक्रवार से लापता एक बच्‍ची का शव दो दिन बाद रविवार (30 दिसंबर) को मिला।

Ranvijay SinghRanvijay Singh   31 Dec 2018 1:00 PM GMT

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मेरी मासूम बच्‍ची को मार डाला, मुझे उसके लिए मौत चाहिए

लखनऊ। ''मेरी मासूम बच्‍ची ने उसका कुछ नहीं बिगाड़ा और उसने मार दिया। मुझे उसकी मौत चाहिए।'' ये बात 5 साल की बच्‍ची की हत्‍या के बाद उसकी मां कहती है। लखनऊ के महानगर थाने में शुक्रवार से लापता एक बच्‍ची का शव दो दिन बाद रविवार (30 दिसंबर) को मिला। शव को बोरी में भरकर पेपर मिल कॉलोनी के पास नाले में फेंक दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने बच्‍ची के पोड़स के रहने वाले 16 साल के लड़के को गिरफ्तार कर बाल गृह भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक लड़के ने अपना जुर्म कुबूल लिया है।

यह मामला महानगर के अकबरनगर पार्ट-2 का है। यहां के रहने वाले एक कबाड़ के करोबारी की बेटी शुक्रवार को घर के बाहर से लापता हो गई। जिसका शव रविवार को घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर बोरी में नाले के अंदर मिला। बच्‍ची के पिता बताते हैं, ''मेरी बेटी शुक्रवार को 1 बजे के करीब गायब हो गई। शाम को 4 बजे तक जब उसका पता नहीं चला तो मैंने महानगर थाने पर शिकायत की। उसी दिन मेरे पड़ोस में रहने वाला 16 साल का लड़का भी घर से लापता हो गया। इसपर मेरा शक सीधा उसी पर गया।''

बच्‍ची के पिता बताते हैं, ''मैंने लड़के के घर पर पता किया तो उन लोगों ने बताया कि वो गांव गया है। इसके बाद शुक्रवार को रात में 10 बजे हम लोग लखनऊ से गोंडा के परसपुर के लिए निकले। वहां लड़के के गांव पहुंचे, लेकिन वो वहां भी नहीं मिला। अगले दिन लड़का थाने पहुंचा गया, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।''

मृतक बच्‍ची।

बच्‍ची की मां कहती हैं, ''मेरी बेटी को किस लिये मार दिया ये मुझे पता ही नहीं। मेरे घर से कभी उसका झगड़ा नहीं हुआ। अरे जब उसके घर वाले नहीं होते तो मैं उसे खाना भी खिला देती थी। नजाने उसने ऐसा क्‍यों किया।'' बच्‍ची मां गुस्‍से से कहती हैं, ''मेरी बच्‍ची को मारा है उसने, मुझे उसकी मौत चाहिए।''

लड़की के घर वाले आरोप लगाते हैं कि पुलिस ने सही से कार्यवाही नहीं की। लड़की की मां कहती हैं, ''पुलिस वाले मुझसे पूछ रहे थे कि तुमको कैसी बच्‍ची चाहिए, जिंदा या मुर्दा। और इसके बाद मेरी बेटी की लाश मिल गयी।''

शव मिलने के बाद हंगामा

बता दें, लड़की का शव मिलने के बाद घर वाले शव को लेकर आयोध्‍या लखनऊ मार्ग पर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। जब पुलिस ने शव को अपने कब्‍जे में लेने का प्रयास किया तो स्‍थानीय लोग और पुलिस की झड़प हुई। इस बीच पथराव और पुलिस की कार्रवाई में दोनों ओर से लोग घायल हुए हैं। जहां पुलिस की ओर से एसपी पूर्वी, एसपी पश्‍चिमी समेत कई पुलिस कर्मी घायल हुए। वहीं, बच्‍ची के परिवार में उसकी नानी, मामा और चाचा को भी चोट आई है।

पुलिस के मुताबिक, लड़के ने पूछताछ में बताया है कि, 'बच्‍ची ने उसे दांत से काटा। इसपर उसे गुस्‍सा आया और उसने बच्‍ची की गला दबाकर हत्‍या कर दी। साथ ही कुलहाड़ी से उसपर वार भी किया। जब बच्‍ची की मौत हो गई तो वो घबरा गया और उसके शव को झोपड़ी में लेकर चला गया।' लड़के ने पुलिस को बताया कि, 'उसने इस बात की जानकारी अपने पिता और भाइयों को दी। पिता और 2 भाइयों ने झोपड़ी में खून को साफ किया और फिर शव को बोरी में भरकर नाले पर बने पिलर नंबर 9 के पास फेंक दिया।' घर वाले लड़की के साथ दुष्‍कर्म का आरोप भी लगा रहे थे, लेकिन पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्‍टी नहीं हुई है।

पिलर नंबर 9। यहीं बच्‍ची का शव मिला।

इंस्पेक्टर महानगर विकास पांडेय बताते हैं, लड़के के खिलाफ आईपीसी की धार 302, 201 और पॉक्‍सो एक्‍ट की धार 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, लड़के के पिता और दोनों भाइयों पर आईपीसी की धारा 201 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आईपीसी की धारा 302 हत्‍या के लिए और 201 अपराध के साक्ष्य मिटाने और अपराधी को लेकर गलत जानकारी देने पर लगाया जाता है।

   

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