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पश्चिम बंगाल में भीड़ ने कथित गो तस्करों को पीटकर मार डाला, क्षेत्र में तनाव

लखनऊ। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में गो तस्करी के शक में भीड़ ने दो लोगों को पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस के मुताबिक, दोनों रविवार को एक पिकअप वैन में गायों को लेकर जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें कथित गोरक्षकों ने रोक लिया। पिटाई के बाद पुलिस दोनों को पास के एक हॉस्पिटल ले गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

इलाके में तनाव बना हुआ है, यहां भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि घटना जलपाईगुड़ी के बरहोरिया गांव के पास हुई। भीड़ ने तड़के उन्हें रोक लिया और गाड़ी से उतारकर जमकर पीटा। इस दौरान अनवर हुसैन (19 साल) और हाफिजुल शेख (19 साल) की मौत हो गई। लोगों ने गायों को लेकर जा रहे पिकअप वैन में भी तोड़फोड़ की।

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मोदी ने राज्यों से कहा था- कड़ी कार्रवाई करें

जुलाई में नरेंद्र मोदी ने राज्यों से कहा था, ''गोरक्षा के नाम पर हिंसा और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, क्योंकि लॉ एंड ऑर्डर राज्यों के पास है। गोरक्षा मामले को सियासी या कम्युनल रंग नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि इससे देश को कोई फायदा नहीं होगा।'' 'गाय को माता माना जाता है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि लोग कानून को अपने हाथ में लें। अगर कोई ऐसा करता है तो राज्य सरकार को उनपर कार्रवाई करना चाहिए।

इससे पहले साबरमती आश्रम में भी मोदी ने गोरक्षा के नाम पर हिंसा पर बयान दिया। उन्होंने कहा था, ""क्या हमें गाय के नाम पर किसी इंसान को मारने का हक मिल जाता है? क्या ये गो-भक्ति है? क्या ये गोरक्षा है? ये गांधीजी-विनोबाजी का रास्ता नहीं हो सकता। हम कैसे आपा खो रहे हैं? क्या गाय के नाम पर इंसान को मार देंगे?" बता दें कि कथित गोरक्षकों के मामले पर विपक्षी पार्टियां बीजेपी पर सवाल खड़े करती रही हैं। अपोजिशन ने मानसून सेशन में भी इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था।

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2017 में गायों से जुड़ीं सबसे ज्यादा घटना

रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 के पहले 6 महीने में गाय से जुड़ी हिंसा की 20 घटनाएं हुईं। ये 2016 में हुईं घटनाओं से 75% ज्यादा हैं। गाय के मसले पर हुई हिंसा के मामले 2010 के बाद सबसे बदतर साबित हुआ। इन हमलों में भीड़ का पीट-पीटकर मार डालना, किसी गुट द्वारा अटैक, हत्या और हत्या की कोशिश, हैरेसमेंट, नुकसान पुहंचाना और गैंगरेप को शामिल किया गया है। हमले के 2 मामलों में विक्टिम्स को बांधा गया, उनके कपड़े उतारे गए और पीटा गया। जबकि दो मामलों में पीड़ितों को लटका दिया गया।