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बुलंदशहर भीड़ हिंसा अपडेट: मुख्य आरोपी योगेश राज फरार, चार गिरफ्तार

सोमवार सुबह 10:30 बजे पुलिस को चिंगरावटी गांव में गोक़शी होने की सूचना मिली थी। अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही न होने की वजह से लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया जिस में स्याना थाने के एसएचओ सुबोध कुमार की मौत हो गई

बुलंदशहर भीड़ हिंसा अपडेट: मुख्य आरोपी योगेश राज फरार, चार गिरफ्तारसुबोध कुमार सिंह की फ़ाइल फोटो


बुलंदशहर हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को पकड़ा, मुख्य आरोपी फरार

इंस्पेक्टर की हत्या मामले में मुख्य आरोपी, बजरंग दल के योगेश राज को पुलिस ढूंढ रही है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर ज़िले में गोहत्या की अफ़वाह से भड़की भीड़ की हिंसा में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई है और कई गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद बुलंदशहर में धारा 144 लागू है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर पुलिस महानिदेशक (इंटेलीजेन्‍स) एस बी शिराडकर को जनपद बुलन्‍दशहर की घटना की जांच कर दो दिनों में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने दिवंगत इंसेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी को 40 लाख रुपए, माता-पिता को १० लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। पीड़ित परिवार को असाधारण पेंशन और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की गई है।

सोमवार 3 दिसंबर को यूपी के बुलंदशहर जिले में एक गोकशी की अफवाह के बाद बवाल हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस में नोकझोंक ने हिंसक रुप ले लिया। थानाक्षेत्र स्याना की चिंगरावटी पुलिस चौकी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली लगने से मौत हो गयी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी में आग लगा कर कम से कम दस वाहनों को भी आग लगा दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साबित हुआ है कि सुबोध कुमार सिंह की सिर में गोली लगने से मौत हुई। दंगाई दिवंगत इंस्पेक्टर का मोबाइल और सर्विस रिवाल्वर भी ले गए। एडीजी कानून व्ववस्था आनंद कुमार के मुताबिक गोली दाहिनी आंख के पास लगी। जिस गोली से सुबोध की मौत हुई वो .३२ बोर की थी।

सुबोध कुमार सिंह दादरी के बहुचर्चित अलखाक हत्या मामले के जांच अधिकारी भी थे। पुलिस के मुताबिक वो 27 सितंबर 2015 से 9 नवंबर दो2015 तक जांच कर्ता रहे। लेकिन मामले के चार्जशीट अन्य अधिकारी ने फाइल की थी।


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जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के पथराव न रुकने पर चिंगरावटी पुलिस चौकी की पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया था, जिसके जवाब में भीड़ की ओर से पुलिस पर हमला कर दिया गया। पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को इसी बीच भीड़ द्वारा चलायी गयी गोली लगी और औरंगाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के ले जाने के बाद उनकी मौत हो गई।

बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र के तहसीलदार जो मौके पर घटना के वक़्त मजूद थे, ने गाँव कनेक्शन को बताते हुए कहा, "सोमवार सुबह 10:30 बजे पुलिस को चिंगरावटी गांव में गौक़शी होने की सूचना मिली थी जिसके बाद पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने सड़क भी जाम करने की कोशिश की थी। पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी थी लेकिन लेकिन अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही न होने की वजह से लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया जिस में स्याना थाने के एसएचओ सुबोध कुमार की मौत हो गई।"

ड्राइवर ने बताया आंखों देखा हाल, कैसे हुई पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार कुमार सिंह की हत्या

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बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण बहादुर सिंह के मुताबिक "भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है असामाजिक तत्वों की पहचान कर रहे हैं और किसी भी व्यक्ति को क़ानून व्यवस्था से ख़िलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।"

भीड़ की पत्थरबाज़ी से एक और पुलिसकर्मी घायल हुआ है जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक प्रदर्शनकारी को भी गोली लगी जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। घटना में कई और पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं। हालांकि अब भीड़ पर काबू पा लिया गया है लेकिन भारी पुलिस बल अभी भी मौके पर तैनात है।

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