नब्बे हजार से ढाई लाख हुई आरबीआई गर्वनर की सैलरी, जानिए क्यों?

नब्बे हजार से ढाई लाख हुई आरबीआई गर्वनर की सैलरी, जानिए क्यों?मोदी सरकार ने आरबीआई गवर्नर की सैलरी में तीन गुना बढ़ोत्तरी की

लखनऊ। आरबीआई गर्वनर के रूप में नियुक्त होने से लेकर अब तक लगातार सुर्खियों में उर्जित पटेल के अच्छे दिन आ गए हैं। मोदी सरकार ने आरबीआई गर्वनर की सैलरी में तीन गुना बढ़ोत्तरी की है। यही नहीं उनके डिप्टी गवर्नर को भी अच्छा अप्रेजल मिला है। इस समय आरबीआई के चार डिप्टी गर्वनर हैं- आर गांधी, एसएस मुंद्रा, एनएस विश्वनाथन और विरल वी आचार्य।

इस तरह गर्वनर की बेसिक सैलरी 90,000 से सीधा ढाई लाख और डिप्टी गर्वनर की सैलरी 80,000 से सवा दो लाख हो गई। हालांकि, अभी भी इनकी सैलरी आरबीआई के तहत संचालित कई बैंकों के उच्च अधिकारियों से बहुत कम है।

बढ़ा हुआ वेतन एक जनवरी 2016 से लागू माना जाएगा।

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में रिजर्व बैंक ने बताया कि 21 फरवरी को वित्त मंत्रालय ने गवर्नर की बेसिक पे को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए महीना और डिप्‍टी गवर्नर की बेसिक पे को बढ़ाकर 2.25 लाख रुपए महीना कर दिया है। बढ़ा हुआ वेतन एक जनवरी 2016 से मिलेगा। सभी भत्तों को मिलाकर उम्‍मीद है कि अब गवर्नर उर्जित पटेल को 3.70 लाख रुपए महीना मिलेगा।

आरटीआई की जानकारी के मुताबिक नवंबर 2016 में उर्जित पटेल को 90 हजार रुपए बेसिक पे के अलावा डीए (महंगाई भत्ते) के तौर पर 1,12,500 रुपए के साथ ही सात हजार रुपए अन्‍य भुगतान के तौर पर मिला था। इस तरह इनका सकल भुगतान 2,09,500 रुपए रही थी।

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