मंकीपॉक्स वायरस को लेकर सभी देश सतर्क, वायरस के संक्रमण को रोकने में जुटी सरकारें

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अब तक यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका सहित अन्य देशों में मंकीपॉक्स वायरस के 100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण के बढ़ने की वजह से अब तमाम देश सतर्क हो गए हैं।

मंकीपॉक्स वायरस को लेकर सभी देश सतर्क, वायरस के संक्रमण को रोकने में जुटी सरकारें

सभी फोटो: विश्व स्वास्थ्य संगठन

मंकीपॉक्स का संक्रमण अफ्रीकी देशों में पाया जाता था, लेकिन अब धीरे धीरे इसका संक्रमण यूरोपियन और एशियाई देशों में भी फैल रहा है। ब्रिटेन, स्पेन, पुर्तगाल, इटली, अमेरिका, स्वीडन और कनाडा ने संक्रमण फैलने की सूचना दी है, इनके अलावा फ्रांस, जर्मनी, बेल्जियम ऑस्ट्रेलिया और यूएई में भी मामले की पहचान की गई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अब तक यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका सहित अन्य देशों में मंकीपॉक्स वायरस के 100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण के बढ़ने की वजह से अब तमाम देश सतर्क हो गए हैं।

यूनाइटेड अरब अमीरात में भी मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। अफ्रीका से यात्रा करके आने वाली एक युवती मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित है, और ये यूएई का पहला मामला है।

कनाडा में मंकीपॉक्स वायरस के नए मामले मिले हैं। कनाडा में मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमण के 10 नए मामले सामने आए हैं। कनाडा के स्वास्थ्य मंत्री जीन-यवेस डुक्लोस ने बताया है कि नमूनों की जांच चल रही है, आने वाले दिनों में और मामलों के मिलने की उम्मीद है।

वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने कहा है क‍ि फिलहाल मंकीपॉक्स के लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण की जरूरत नहीं है। स्मॉल पॉक्स, चिकनपॉक्स की तरह मंकीपॉक्स है। इसका बंदर से कोई सीधा संबंध नहीं है। क्योंकि एक बार बंदर के बीच यह बीमारी फैली थी, इसलिए इसका नाम मंकीपॉक्स रख गया।

भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय भी सतर्क

विश्व के कई देशों में मंकीपॉक्स वायरस फैल रहा है। इसको देखते हुए भारत सरकार भी सतर्क हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

भारत सरकार ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को अन्य देशों में मंकीपॉक्स के मामलों पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि 21 में प्रभावित मुल्कों की यात्रा करने वाले सभी संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।


क्या है मंकी पॉक्स

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मंकीपॉक्स आमतौर पर बुखार, दाने और गांठ के जरिये उभरता है और इससे कई प्रकार की चिकित्सा जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। रोग के लक्षण आमतौर पर दो से चार हफ्ते तक दिखते हैं, जो अपने आप दूर होते चले जाते हैं। संक्रमण के मामले गंभीर भी हो सकते हैं।

मृत्यु दर का अनुपात लगभग 3-6 प्रतिशत रहा है, लेकिन यह 10 प्रतिशत तक हो सकता है। मंकीपॉक्स किसी संक्रमित व्यक्ति या जानवर के निकट संपर्क के माध्यम से या वायरस से दूषित सामग्री के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है। मंकीपॉक्स वायरस घावों, शरीर के तरल पदार्थ, सांस की बूंदों और बिस्तर जैसी दूषित सामग्री के निकट संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।

मंकीपॉक्स के लक्षण

मंकीपॉक्स के संक्रमण से लक्षणों की शुरुआत तक आमतौर पर 6 से 13 दिनों तक होती है, लेकिन यह 5 से 21 दिनों तक हो सकती है। बुखार, तेज सिरदर्द, लिम्फ नोड्स की सूजन, पीठ दर्द, मांसपेशियों में दर्द और एनर्जी की कमी जैसे लक्षण इसकी विशेषता हैं जो पहले स्मॉल पॉक्स की तरह ही नजर आते हैं। इसके साथ ही त्वचा का फटना आमतौर पर बुखार दिखने के 1-3 दिनों के भीतर शुरू हो जाता है। दाने गले के बजाय चेहरे और हाथ-पांव पर ज्यादा होते हैं। यह चेहरे और हाथों की हथेलियों और पैरों के तलवों को ज्यादा प्रभावित करता है।

किन जानवरों से फैलता है इंसानों में मंकी पॉक्स

कई जानवरों की प्रजातियों को मंकीपॉक्स वायरस के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इन जानवरों में गिलहरियों की कई प्रजातियों गिलहरी, पेड़ गिलहरी, गैम्बिया पाउच वाले चूहे, डर्मिस, गैर-मानव प्राइमेट और अन्य प्रजातियां शामिल हैं। मंकीपॉक्स वायरस के प्राकृतिक इतिहास पर अनिश्चितता बनी हुई है और इनके प्रकृति में बने रहने के कारणों की पहचान करने के लिए आगे रिसर्च की जरूरत है।

भारत में क्या है कोविड की स्थिति

स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय के अनुसार भारत में इस समय कोविड संक्रमण सक्रिय मरीजों की संख्या 14,971 है, जबकि पिछले पिछले 24 घंटों में 2,124 नए मामले सामने आए है। बीते चौबीस घंटों में 1,977 लोग स्वस्थ हुए, अब तक स्वस्थ हुए कुल लोगों की संख्या 4,26,02,714 है।

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.