7 दिन की देरी से चल रहा है मानसून, 6 जून को केरल में देगा दस्‍तक

भीषण गर्मी की मार से परेशान देशवासियों के लिए एक अच्‍छी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी छह जून को मानसून केरल तट पर पहुंच सकता है। हालांकि शुरुआत के 10 दिनों में मानसून बारिश सामान्‍य से कम रह सकती है। मानसून देरी से आने पर पूरे देश पर असर पड़ेगा।

7 दिन की देरी से चल रहा है मानसून, 6 जून को केरल में देगा दस्‍तक

लखनऊ। भीषण गर्मी की मार से परेशान देशवासियों के लिए एक अच्‍छी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी छह जून को मानसून केरल तट पर पहुंच सकता है। हालांकि शुरुआत के 10 दिनों में मानसून बारिश सामान्‍य से कम रह सकती है। मानसून देरी से आने पर पूरे देश पर असर पड़ेगा।

हालांकि मानसून अपने तय दिन से 7 दिन देरी से आ रहा है, आमतौर पर 1 जून को मानसून आ जाता है। केरल में इसकी शुरुआत होने के साथ ही सात दिनों के भीतर मानसून महाराष्ट्र और मध्य भारत के अन्य हिस्सों में पहुंच जाता है। चूंकि शुरुआत की तारीख में देरी हो रही है, इसलिए मानसून के जून के दूसरे सप्ताह तक महाराष्ट्र में पहुंचने की उम्मीद है।

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महाराष्ट्र में किसानों के लिए खरीफ फसल सोयाबीन, अरहर, गेहूं, मूंग, उड़द और कपास के लिए यह प्रमुख मौसम है। इनमें से मूंग और उड़द की बुवाई जल्दी होती है, किसानों के पास कम अवधि की फसलें होती हैं जिसकी आमतौर पर जून में बुवाई होती। इस फसल की तीन महीने बाद कटाई होती है। यदि मानसून में देरी होती है, तो फसलों की बुवाई प्रभावित होती है।


मानसून में देरी होने पर किसानों के लिए चिंता का विषय है कि उनके पशुओं के लिए पीने का पानी और चारे की कमी है। राज्य में दुग्ध उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है और सूखे चारे की लागत में कई गुना वृद्धि हुई है। अगर बारिश समय पर नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में यह संकट और बढ़ जाएगा।

मानसून में देरी होने से किसानों के लिए एक और चिंता की है कि सब्जियों की फसलों का नुकसान तय है। नासिक बाजार के व्यापारी जगदीश अप्सुंडे ने कहा कि वर्तमान सब्जी की फसल कीटों से पीड़ित हैं। सब्जी की मंडियों में इनका दाम भी बढ़ रहा है क्योंकि फसल में देरी होगी। अगर मानसून में सात दिनों से अधिक की देरी हो जाती है तो बहुत मुश्किल हो जाएंगी।


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