ज्यादातर कर्मचारी अपनी वेतन संरचना से असंतुष्ट हैं: सर्वेक्षण

ज्यादातर कर्मचारी अपनी वेतन संरचना से असंतुष्ट हैं: सर्वेक्षणविज्मजॉब्स ने एम्प्लॉई सैटिस्फैक्शन ऑन देयर सैलॅरी स्ट्रक्चर पर हैदराबाद, मुम्बई, दिल्ली, चेन्नई, बैंगलूरू तथा पुणे में किए गए सर्वेक्षण के आधार पर यह बात कही।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। भारत के अग्रणी ऑनलाइन रिक्र्यूटमेंट तथा करियर सॉल्यूशन पोर्टल-विज्डमजॉब्स डॉट कॉम की सर्वेक्षण के मुताबिक देश में अधिकांश कर्मचारी अपने वेतन संरचना से असंतुष्ट है।

विज्मजॉब्स ने एम्प्लॉई सैटिस्फैक्शन ऑन देयर सैलॅरी स्ट्रक्चर (अपने वेतन संरचना पर कर्मचारियों की संतुष्टि) पर हैदराबाद, मुम्बई, दिल्ली, चेन्नई, बैंगलूरू तथा पुणे में किए गए सर्वेक्षण के आधार पर यह बात कही।

इस सर्वेक्षण में 10 क्षेत्रों-आईटी, टेलीकॉम, रिटेल, शिक्षा, मीडिया तथा एंटरटेन्मेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, हैल्थकेयर तथा लॉजिस्टिक्स को कवर किया गया। यह रिपोर्ट कर्मचारियों के अपने वेतन संरचना से संतुष्टि के स्तर पर प्रकाश डालती है।

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सर्वेक्षण में शामिल 70 प्रतिशत असंतुष्ट जवाबदाताओं ने कहा कि उनकी आमदनी बाजार मानकों के अनुरूप नहीं है। केवल 30 प्रतिशत ही मातृत्व तथा पितृत्व लाभों से संतुष्ट हैं। 60 प्रतिशत महिलाओं का मानना है कि गैर-आर्थिक लाभ भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितनी कि उच्च आय।

विज्डमजॉब्स डॉट कॉम के संस्थापक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय कोल्ला ने कहा, ''अधिकांश संगठनों में कर्मचारियों की सबसे बड़ी संख्या मिलेनियल्स की है। हम देख रहे हैं कि जॅनॅरेशन जेड कर्मचारियों, अर्थात जो 21 से 25 के आयु वर्ग में हैं, की संख्या भी हर वर्ष बढ़ती जा रही है। इस वर्ग की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए कम्पनियां इस युवा कार्यबल की सोच के अनुसार अपनी वेतन संरचनाओं को पुनर्गठित कर रही है, जिससे ये इनकी अपेक्षाओं से मेल खाएं।''

कोल्ला ने कहा, ''इसके अलावा हम यह भी देखते हैं कि अपनी जॉब ऑफर को अधिक आकर्षक बनाने के लिये कम्पनियां नई-नई सुविधाएं तथा भत्ते भी ऑफर कर रही हैं।'' सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 53 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वेतन संरचना का स्थायी या मूल अवयव उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है जबकि 42 प्रतिशत ने कहा कि उनके लिए परिवर्तनीय आय अधिक महत्वपूर्ण है।

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