मुझे स्वाभाविक तौर पर भाषण देना नहीं आता : सोनिया गांधी

मुझे स्वाभाविक तौर पर भाषण देना नहीं आता : सोनिया गांधीनए कांग्रेस अध्यक्ष बने राहुल गांधी, मां सोनिया का चूमा माथा फाइल फोटो

मुंबई। कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज बड़े ही बिंदास अंदाज में अपने जीवन से जुड़ी कमियों, सच्चाईयों के साथ भारत की राजनीति पर बातें की। मौका था इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2018 का। सोनिया गांधी ने साफतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि लोकतंत्र में चर्चा और मतभेद दोनों स्वीकार्य हैं पर एकालाप नहीं।

कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष और पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने आज एक गहरे आत्म विश्लेषणी भाषण में अपने बच्चों, अपनी कमियों और भारत में लोकतंत्र की भूमिका समेत कई विषयों पर बात की। पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद यह पहला मौका है जब उन्होंने इस तरह से खुलकर बात की।

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सोनिया गांधी ने इस बात पर भी खेद जताया कि राष्ट्र निर्माताओं को बदनाम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और उसके प्रधानमंत्रियों द्वारा आजादी के बाद हासिल की गई उपलब्धियों की सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा लगातार आलोचना किए जाने का संदर्भ देते हुए कहा कि पूर्व की उपलब्धियों को द्वेष के कारण कमतर बताया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को भी संगठन के स्तर पर लोगों से जुड़ने का एक नया तरीका विकसित करने की जरूरत है।

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वर्ष 2004 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद अपने नेतृत्व की भूमिका पर उन्होंने कहा कि वह जानती थीं कि मनमोहन सिंह उनसे अच्छे प्रधानमंत्री साबित होंगे और साथ ही वह अपनी सीमाओं के बारे में जानती थीं। सोनिया ने कहा, मुझे स्वाभाविक तौर पर भाषण देना नहीं आता इसलिए मुझे नेता (लीडर) के बजाए भाषण पढ़ने वाला (रीडर) कहा जाता था।

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सोनिया गांधी (71 वर्ष) 19 वर्षों तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं। पिछले साल पार्टी के आंतरिक चुनाव के बाद उनके बेटे राहुल गांधी ने उनकी जगह ली। कॉन्क्लेव के प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान पार्टी के मामलों पर राहुल को सलाह देने के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, मैं खुद ऐसा नहीं करने की कोशिश करती हूं। राहुल पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए वरिष्ठ और युवानेताओं के बीच संतुलन बनाना चाहते हैं, और यह कोई आसान काम नहीं है।

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पूर्वोत्तर राज्यों में मतों की गिनती के दौरान राहुल के देश में मौजूद नहीं रहने की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार करने के बाद वह तीन दिन के लिए इटली में अपनी नानी को देखने गए थे।

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अपनी बेटी प्रियंका गांधी के राजनीति में आने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, प्रिंयका फिलहाल अपने बच्चों की देख-रेख में व्यस्त हैं। यह उनका फैसला है और भविष्य के बारे में कोई नहीं जानता।

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इनपुट भाषा

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