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No Tobacco Day: जानिए तंबाकू सेवन छोड़ने के बाद शरीर में क्या बदलाव आते हैं

लखनऊ। आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस है। हर साल की तरह इस दिन तंबाकू सेवन करने वाले लोगों को विशेष रूप से इसे छोड़ने की सलाह दी जाती है लेकिन ऐसे लोगों की संख्या अभी भी कम है जिन्होंने तंबाकू का सेवन पूरी तरह छोड़ दिया हो।

अगर आप भी उनमें से एक है और तंबाकू के सेवन के आदी हैं तो ये आर्टिकल आपको जरूर पढ़ना चाहिए। अगर आप तंबाकू को पूरी तरह छोड़ने का निश्चय कर लेते हैं तो आपके शरीर में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। यही नहीं आप अपनी जिंदगी की आयु भी बढ़ा पाएंगे। हालांकि इसके लिए आपको काफी संयम की जरूरत है क्योंकि सिगरेट पान मसाला को करीब 15 साल तक छोड़ने पर आप सामान्य जीवन में वापस आने लगते हैं।

जब आप पूरी तरह सिगरेट और तंबाकू छोड़ने का निश्चय कर लेते हैं तो अलग-अलग समय अंतराल में शरीर में इस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं-

ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है

तंबाकू या सिगरेट छोड़ने के 20 मिनट बाद ही आपका ब्लड प्रेशर और पल्स रेट सामान्य होने लगता है। जब आप तंबाकू का सेवन कर रहे होते हैं तो ब्लड प्रेशर ज्यादा व कम होता रहता है और लगातार इसका आदी होने पर आप नियमित रूप से ब्लड प्रेशर के मरीज बन जाते हैं।

ऑक्सीजन दर भी स्थिर रहती है

सिगरेट या तंबाकू छोड़ने के आठ घंटे बाद आपके शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड की दर निष्प्रभावी होती जाती है।

हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है

तंबाकू व सिगरेट का सेवन रोकने से हार्ट अटैक का खतरा भी कम हो जाता है। यद्यपि जब आप किसी चीज के लिए परेशान महसूस कर रहे होते हैं तो आपका शरीर उस वक्त डी-टॉक्सिफाई कर रहा होता है।

तंत्रिका तंत्र को दोबारा विकसित करता है

तंबाकू का ज्यादा सेवन करने से आपके सेंस ठीक तरह से काम करना बंद कर देते हैं। इसको छोड़ने से तंत्रिका तंत्र को विकसित करने में मदद करने मिलती है और साथ ही आपके स्वाद और सूंघने की इन्द्रियों में सुधार होता है।

लॉन्ग वाक पर आसानी से जा सकते हैं

तंबाकू छोड़ने के दो से तीन हफ्ते बाद फेफड़े सक्रिय हो जाते हैं और उनके काम करने की शक्ति में 30 फीसदी इजाफा होता है। इससे शरीर में रक्त संचरण ठीक होता है और आप लंबी वॉक पर आराम से जा सकते हैं।

फेफड़ों में इंफेक्शन का खतरा कम होता है

तंबाकू छोड़ने के एक से नौ महीने बाद खांसी, सांस की कमी और साइनस में आराम मिलता है और आप स्वयं को ऊर्जावान महसूस करते हैं। फेफड़ों की सफाई होती है और इंफेक्शन का खतरा कम होता है।

दिल की बीमारियों का खतरा दो गुना कम

सिगरेट व तंबाकू छोड़ने के एक साल बाद आपको दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा दूसरे धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों से दो गुना कम हो जाता है। सिगरेट तंबाकू छोड़ने के पांच साल बाद मुंह व गले के कैंसर की संभावना आधी कम हो जाती है। लंग कैंसर का खतरा भी कम होता है।

करीब 15 साल बाद आप अपने सामान्य जीवन में वापस आने लगते हैं।

सिगरेट की लत छोड़ने के लिए

किसी भी चीज को बिल्कुल से छोड़ने पर शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं, खासकर जब आप लंबे समय से उसका सेवन कर रहे हों तो, इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है। इसके अलावा कुछ जरूरी बातें-

  • सिगरेट से शरीर पर होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी जुटाएं।
  • किसी करीबी का सहयोग भी ले सकते हैं, जो इस दौरान आपकी इच्छाशक्ति को बनाए रखने में सहायक हों।
  • जिन्होंने इस लत को छोड़ा है, उनके साथ रहें, उनसे बातें करें।
  • अपने डॉक्टर से खुलकर उन सभी तरीकों के बारे में बात करें , जो मदद कर सकते हैं।
  • अपने पसंदीदा कामों में खुद को व्यस्त रखें। नियमित व्यायाम करें। प्रकृति के बीच समय बिताएं।
  • सिगरेट की लत छोड़ने के लिए किसी और नशे का सहारा न लें।
  • भोजन में फल व ताज़ी हरी सब्जियों की मात्रा बढ़ा दें। पानी खूब पिएं।


गुटखा छोड़ने के लिए

गुटखा चबाने से पीले दांत, मुंह में दुर्गन्ध, सांस व दिल से जुड़े रोग हो सकते हैं। एक दिन में 8 से 10 बार गुटखा खाने का मतलब लगभग 40 सिगरेट एक दिन में फूंक देना है, जो किसी भी लिहाज से सेहतमंद नहीं है। इससे छुटकारा पाने के लिए-

  • निकोटिन पैच या इनहेलर तंबाकू की लत छुड़ाने में मदद करते हैं। कई बार डॉक्टर निकोटिन की मात्रा धीरे-धीरे कम करने की सलाह देते हैं।
  • कुछ डॉक्टर अवसादरोधी दवाएं या उच्च रक्तचापरोधी दवाएं लेने की भी सलाह देते हैं। काउंर्सिंलग थेरेपी से भी मदद मिलती है।
  • धीरे-धीरे गुटखे की मात्रा कम करें और उसे लिखना शुरू करें, इससे इच्छाशक्ति मजबूत होती है।
  • व्यायाम करना शुरू करें। संतुलित भोजन करें, परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं। हरी सब्जियां लें।
  • स्वयं को जितना व्यस्त रखेंगे, उतना ही इस लत को छोड़ने में मदद मिलेगी।