देशभर में मनाया जाता है माघ पूर्णिमा का त्योहार , जुड़ी हैं कई कहानियां

देशभर में मनाया जाता है माघ पूर्णिमा का त्योहार , जुड़ी हैं कई कहानियांमेरी मिट्टी मेरे त्योहार सीरीज़ - भाग पांच ।

देश के अलग-अलग हिस्सों में कई त्योहार मनाए जाते हैं, जिनका अपना-अपना महत्व होता है। ये त्योहार हमें अपनी मिट्टी से जोड़ने का काम करते हैं। गाँव कनेक्शन की विशेष सीरीज़ मेरी मिट्टी, मेरे त्योहार के पांचवें भाग में जानिए माघ पूर्णिमा त्योहार के बारे में।

क्या आपको याद है कि साल के किसी एक दिन आपके घर पर बिना नहाए आपको कुछ भी खाने या पीने नहीं दिया जाता था और उस दिन सुबह सुबह उठकर लोग गंगा नहाने चल देते थे ? बहुत लोग जानते हैं कि माघ पूर्णिमा का त्योहार मुख्यरूप से उत्तर प्रदेश के साथ साथ उत्तर भारतीय राज्यों में होता है, लेकिन यह लोकपर्व भारत के कई हिस्सों में अलग अलग तरीकों से मनाया जाता है। पूरे साल में माघ का महीना ( मध्य जनवरी से फरवरी की शुरूआत तक ) सबसे पवित्र माना जाता है। पुराणों के अनुसार इस महीने में देवी-देवता इंसान का रूप धारण कर के धरती पर आते हैं और गंगा नदी में स्नान करते हैं। माघ महीने के अखिरी दिन माघ पूर्णिमा त्योहार मनाया जाता है। इस दिन खास तौर पर लोग प्रयाग (इलाहाबाद) में संगंम गंगा नदी में स्नान करते हैं। इस दिन हवन और दान का विशेष महत्व होता है। इस साल 31 जनवरी को यह लोकपर्व मनाया जाएगा।

मेरी मिट्टी मेरे त्योहार सीरीज़ - भाग पांच ।

देश के कई राज्यों में मनाए जाते हैं स्नान पर्व

माघ पूर्णिमा के दिन इलाहाबाद जिले में लोग पवित्र गंगा स्नान करते हैं। इस दिन गंगा और यमुना नदी के संगम में स्नान करने से लोगों के दुख और उनकी परेशानियां दूर होती हैं। इस दिन देश में विशेष रूप से गंगा, यमुना, कावेरी, कृष्णा और ताप्ती नदियों में स्नान पर्व भी मनाए जाते हैं। इसी तरह राजस्थान में पुष्कर तीर्थ पर बने तालाब में इस दिन स्नान करने का खास महत्व होता है। मद्रास के नागेशवाड़ा और सारंगपाणी मंदिरों में बने जलाशयों में लोग माघ पूर्णिमा के दिन डुबकी लगाने ज़रूर जाते हैं। इस पर्व से जुड़ी एक दंतकथा के मुताबिक इस दिन मद्रास के इन तीर्थों पर बने तालाबों में गंगा नदी बहती है, इसलिए इस दिन यहां पर किए गए स्नान को गंगा स्नान के बराबर माना जाता है।

ये भी पढ़ें- मेरी मिट्टी, मेरे त्योहार (भाग- 4 ): हरियाली और समृद्धि का लोकपर्व है बसंत पंचमी

तमिलनाडु में मनाया जाता है फ्लोट फेस्टिवल

माघ पूर्णिमा के दिन तमिलनाडु में मदुरै क्षेत्र में फ्लोट फेस्टिवल मनाया जाता है। इस उत्सव में भगवान सुन्देश्वरा और मीनाक्षी की मूर्तियों को वहां के पवित्र मारियामन टेपकुलम सरोवर में स्नान के लिए ले जाया जाता है।

माघ पूर्णिमा त्योहार से जुड़ी मान्यताएं

- माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु गंगा नदी में निवास करते हैं, इसलिए इस दिन गंगा स्नान को पवित्र माना जाता है।

देव पुराण के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु गंगा नदी में निवास करते हैं।

- इस दिन सूर्य मकर राशि में होता है और चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करता है। इसलिए इस दिन गंगा स्नान करने से कई प्रकार की गंभीर परेशानियां अपने आप दूर हो जाती है।

ये भी पढ़ें- मेरा गाँव कनेक्शन (भाग - 2) : महिला शिक्षा का प्रमुख अंग रहा है राजस्थान का वनस्थली 

Share it
Top