नैनीताल हाईकोर्ट ने गंगोत्री-यमुनोत्री ग्लेशियरों को दिया ‘जीवित मनुष्य’ का दर्जा

नैनीताल हाईकोर्ट ने गंगोत्री-यमुनोत्री ग्लेशियरों को दिया ‘जीवित मनुष्य’ का दर्जानैनीताल हाईकोर्ट।

नई दिल्ली। वकील ललित मिगलानी की याचिका पर एक बड़ा फैसला सुनाते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने गंगोत्री और यमुनोत्री ग्लेशियर को आज जीवित इंसान के बराबर दर्जा दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने ग्लेशियर्स का पूरा ख्याल रखने का आदेश दिया है। इसके पहले नैनीताल हाईकोर्ट ने गंगा और यमुना नदी को भी जीवित मनुष्यों के समान दर्जा दिया था।

गंगोत्री और यमुनोत्री ग्लेशियर को दिए जीवित मनुष्य के समान मौलिक अधिकार के तहत यहां की हवा, पानी, नदियों, धाराओं स्त्रोतों और जंगलों को भी जीवित मनुष्य के समान अधिकार हासिल होंगे। हाईकोर्ट ने नमामि गंगे से जुड़े सभी विभागों को इन 'नए जीवित व्यक्तियों' के स्वास्थ्य का ध्यान रखने को कहा है।

हाईकोर्ट ने इन नए जीवित व्यक्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को भी कहा है। इस फैसले के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। गौरतलब है कि गंगोत्री और यमुनोत्री ग्लेशियर लगातार सिमटते जा रहे हैं। इससे पहले नैनीताल हाईकोर्ट गंगा और यमुना नदी को भी जीवित मनुष्य के समान अधिकार दे चुका है।

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