बड़ा फैसला: अब नाबालिग से बलात्कार के दोषियों को फांसी की सजा

बड़ा फैसला: अब नाबालिग से बलात्कार के दोषियों को फांसी की सजासाभार: इंटरनेट।

नाबालिगों से बलात्कार के दोषियों को अब फांसी की सजा दी जाएगी। केंद्र सरकार ने शनिवार को कैबिनेट बैठक में पॉक्सो एक्ट में बदलाव करते हुए दोषी की मौत की सजा का प्रावधान किए जाने का बड़ा फैसला लिया है। अब इस अध्यादेश को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।

बच्चियों के रेप जैसे मामले को लेकर केंद्र सरकार सख्त हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से आगमन के बाद आज तत्काल हुई कैबिनेट बैठक में पाक्सो एक्ट में बदलाव को मंजूरी दी गई।

उत्तर प्रदेश के उन्नाव और जम्मू कश्मीर के कठुआ में नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर देशभर में गुस्से के माहौल की पृष्ठभूमि में सरकार ‘बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम’ (पॉक्सो) में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने की योजना बना रही थी।

आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि आपराधिक कानून संशोधन अध्यादेश में भारतीय दंड संहिता ( आईपीसी ), साक्ष्य कानून, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और बाल यौन अपराध संरक्षण कानून (पोक्सो) में संशोधन का प्रावधान है। इसमें ऐसे अपराधों के दोषियों के लिए मौत की सजा का नया प्रावधान लाने की बात है।

दुष्कर्म के दोषी को मिलेगी फांसी

कैबिनेट ने 12 वर्ष तक की उम्र के बच्चों-बच्चियों से बलात्कार के मामलों में दोषी को मौत की सजा सुनश्चिति करने के लिये अध्यादेश को मंजूरी दी। इससे पहले पॉक्सो कानून के प्रावधानों के अनुसार इस जघन्य अपराध के लिए अधिकतम सजा उम्रकैद है। न्यूनतम सजा 7 साल की जेल है।

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सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में लिखिल रूप से सूचित किया कि वह दंडनीय कानून में संशोधन कर 12 साल या उससे छोटी उम्र की बच्चियों के साथ यौन अपराध के दोषियों को मौत की सजा के प्रावधान को शामिल करने पर विचार कर रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कैबिनेट बैठक में ऐसे दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने का फैसला लिया है।

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