नेशनल बुक ट्रस्ट जल्द ही गाँवों में पहुंचाएगा किताबें, करेगा पंचायत पुस्तक मेले की शुरुआत

नेशनल बुक ट्रस्ट जल्द ही गाँवों में पहुंचाएगा किताबें, करेगा पंचायत पुस्तक मेले की शुरुआतकिताबें हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं।

जैसे-जैसे मोबाइल और इंटरनेट गांवों तक पहुंच रहे हैं किसाबों से लोगों की दूरियां बढ़ती जा रही हैं। सर्वे यहां तक बताते हैं कि लोग अब मोबाइल पर ही ज्यादा पढ़ाई करना पसंद करते हैं, लेकिन किताबें न सिर्फ हमारी अच्छी दोस्त होती हैं बल्कि वो हमारी जिंदगी को संवारने में भी बहुत योगदान देती हैं.. ये किताबें अब फिर से लोगों के बीच लोकप्रिय हों ऐसी कोशिशें जारी हैं।

लखनऊ। नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) यानि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत के गाँवों में पुस्तक मेले आयोजित करने की योजना बना रहा है, जिसका नाम रखा जाएगा 'पंचायत बुक फेयर'। इस पुस्तक मेले का उद्देश्य गाँव के लोगों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना है।

इस योजना के तरत ग्राम पंचायतों की सहायता से ग्रामीण क्षेत्रों में किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। गाँव के बच्चे और युवा किताबों को लेकर बहुत उत्साही होते हैं लेकिन वहां किताबों की दुकानों की कमी, लाइब्रेरी का न होना जैसी समस्याएं हैं जिससे वे इनसे दूर हो जाते हैं, यह कहना है एनबीटी के चेयरमैन बलदेव भाई शर्मा का।

हाल ही में नई दिल्ली में एनबीटी के 60 साल पूरे होने से पहले एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बलदेव भाई शर्मा ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि पंचायत पुस्तक मेले की सहायता ग्रामीण एक छत के नीचे एक समय में विभिन्न पुस्तकों तक पहुंच पाएंगे।

उन्होंने बताया कि फिलहाल इस योजना की शुरुआत उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश के गाँवों में की जाएगी। इस योजना की शुरुआत या तो इस साल नवंबर से हो जाएगी या विश्व पुस्तक मेला 2018 के बाद होगी।

इस मौके पर शर्मा ने कहा कि यह भारतीय पुस्तक न्यास की एक बड़ी मुहिम है। हम छोटे राज्यों के गाँवों में भी मॉडेल प्रोजेक्ट की शुरुआत करना चाहते हैं और धीरे-धीरे ये दूसरे राज्यों में भी लागू हो जाएगा। एनबीटी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत पुस्तक प्रकाशन और पदोन्नति के लिए राष्ट्रीय निकाय है। 1 अगस्त को यह अपनी स्थापना के 60 साल पूरे कर रही है।

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