गुजरात चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों को राजनीतिक रंग न दें भाजपा नेता : अहमद पटेल 

गुजरात चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों को राजनीतिक रंग न दें भाजपा नेता : अहमद पटेल अहमद पटेल

नई दिल्ली/अहमदाबाद (भाषा)। कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा, मेरे ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। अहमद पटेल ने भाजपा नेताओं से अनुरोध किया कि गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 नजदीक हैं इसको देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाए। आतंकवाद का मुकाबला करने के दौरान शांति प्रिय गुजरातियों को नहीं बांटिए।

मामला यह है के गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कांग्रेस नेता अहमद पटेल से राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की मांग करते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि हाल ही में गिरफ्तार किया गया आतंकी संगठन आईएसआईएस का एक संदिग्ध सदस्य उस अस्पताल में काम करता था, जहां अहमद पटेल पहले एक ट्रस्टी थे।

इस आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने ट्वीट किया, मेरी पार्टी और मैंने दो आतंकवादियों को पकड़ने की एटीएस की कोशिश की सराहना की है, मैं उनके खिलाफ सख्त और तीव्र कार्रवाई की मांग करता हूं।

भाजपा द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं, उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा , हम अनुरोध करते हैं कि चुनाव को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाए। आतंकवाद का मुकाबला करने के दौरान शांति प्रिय गुजरातियों को नहीं बांटिए।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने भी कहा कि कांग्रेस को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि एक आतंकवादी इतने लंबे समय से वहां कैसे काम कर रहा था।

गुजरात आतंक निरोधक दस्ता (एटीएस) ने दो दिन पहले दो संदिग्ध आईएसआईएस सदस्यों को गिरफ्तार किया था। प्राथमिकी के मुताबिक उनमें से एक आरोपी कासिम स्टिम्बरवाला पूर्व में भरुच जिले के अंकलेश्वर में स्थित सरदार पटेल अस्पताल में एक तकनीशियन के तौर पर काम करता था।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने गांधीनगर में कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और अहमद पटेल को देश को स्पष्टीकरण देना चाहिए क्योंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, यह एक गंभीर मुद्दा है क्योंकि एक आतंकी को उस अस्पताल से गिरफ्तार किया गया, जिसका संचालन अहमद पटेल कर रहे हैं, यह अब पता चला है कि हालांकि पटेल ने उस अस्पताल के ट्रस्टी के पद से 2014 में इस्तीफा दे दिया था लेकिन अब भी वह अस्पताल मामलों के प्रमुख हैं।

उन्होंने कहा, सोचिए क्या होता अगर ये दोनों आतंकी गिरफ्तार नहीं होते.... पटेल, राहुल गांधी और कांग्रेस को मुद्दे पर पाक साफ होना चाहिए। हम यह भी चाहते हैं कि पटेल राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दें। रुपाणी ने कहा, इस बात का अब खुलासा हुआ है कि कासिम ने गिरफ्तारी से महज दो दिन पहले इस्तीफा दिया था। इससे कई सवाल उठते हैं। पटेल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस तरह के व्यक्ति को उनके अस्पताल में नौकरी कैसे मिली और उसने अपनी गिरफ्तारी से कुछ ही दिन पहले इस्तीफा क्यों दिया।

जावडेकर ने बेंगलुरु में कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि एक आतंकवादी अस्पताल में इतने समय तक कैसे काम करता रहा। उन्होंने कहा कि आईएस के दो संदिग्ध एक यहूदी धार्मिक स्थल पर हमले की साजिश रच रहे थे।

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वहीं, कांग्रेस के संचार प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने पटेल का बचाव करते हुए कहा कि ना तो वह, ना ही उनके परिवार का कोई सदस्य भरुच हॉस्पिटल के ट्रस्टी हैं, जहां कथित आतंकवादी काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि परेशान भाजपा गुजरात में आसन्न हार को देख रही है, जिसके चलते वह पटेल के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगा रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा को आतंकवाद से लड़ने की शिक्षा किसी और को देना बंद करनी चाहिए।ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

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