राज्यसभा में तीन तलाक बिल पेश, ताल ठोंकता रहा विपक्ष  

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   3 Jan 2018 7:34 PM GMT

राज्यसभा में तीन तलाक बिल पेश, ताल ठोंकता रहा विपक्ष  राज्यसभा  में तीन तलाक

नई दिल्ली (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में हंगामे के बीच तीन तलाक विधेयक पेश किया। हंगामा कर रही कांग्रेस और विपक्षी दलों ने विधेयक को विस्तृत विचार के लिए संसदीय समिति को भेजने की मांग की।

कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने जैसे ही मुस्लिम महिला (शादी पर सुरक्षा का अधिकार) विधेयक 2017 पेश किया, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने एक नोटिस को आगे बढ़ाया, जिसमें कानून को प्रवर समिति के पास भेजने की बात कही गई थी। विधेयक एक बार में तीन तलाक बोलने को अपराध घोषित कर देगा।

मंत्री ने आपत्ति जताते हुए कहा कि कांग्रेस विधेयक को बाधित कर रही है और एक बार में तीन तलाक बोलने के अभ्यास को अपराध और दोषी को तीन साल जेल के प्रावधान के महत्व को नहीं समझ रही है। विधेयक को लोकसभा में पारित कर दिया गया है।

कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा, "लोकसभा में विधेयक पारित होने के बाद भी यह अभ्यास जारी है। उन्होंने मुरादाबाद मामले का हवाला दिया, जिसमें महिला द्वारा दहेज नहीं देने पर पति ने तुरंत तलाक दे दिया।"

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कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने तर्क दिया कि विधेयक में कमियां हैं और इसे समिति के पास भेजे जाने की जरूरत है ताकि कमियों को दूर किया जा सके।

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कार्य मंत्रणा समिति के सदस्य शर्मा ने कहा, "नियम स्पष्ट है। अगर प्रभारी सदस्य विधेयक को बढ़ाता है तो उस पर विचार किया जाना चाहिए। मैं निम्नलिखित प्रस्ताव को आगे बढ़ाता हूं कि यह सभा महिलाओं के अधिकारों के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है, बिल को (ए) प्रवर समिति के पास भेजा जाना चाहिए।"

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सदन के नेता वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि विधेयक को दो से तीन पहले ही वितरित कर दिया गया था। जेटली ने कहा, "विचार के लिए नोटिस संसोधन से कम से कम एक दिन पहले दिया जाता है।"

अरुण जेटली ने तीन तलाक विधेयक के मामले में कांग्रेस पर दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि लोकसभा में इस विधेयक को समर्थन देने के बाद अब विपक्षी पार्टी राज्यसभा में इसे अटकाने का प्रयास कर रही है।

तीन तलाक रोधी विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग करने वाले दलों को बोर्ड ने कहा, शुक्रिया

ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने आज राज्यसभा में पेश किए गए तीन तलाक रोधी विधेयक की खामियों पर जोर देते हुए इसे प्रवर समिति के पास भेजे जाने की मांग करने वाली पार्टियों का शुक्रिया अदा करते हुए उम्मीद जाहिर की है कि वे सभी दल अपने-अपने रख पर मजबूती से कायम रहेंगे।

बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलील उर रहमान सज्जाद नोमानी ने टेलीफोन पर बताया, ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड उन तमाम पार्टियों का शुक्रगुजार है। जिन्होंने आज राज्यसभा में इस बात पर जोर दिया कि तीन तलाक रोधी विधेयक में जो भी खामियां हैं, उनको दूर करने के लिए इसको प्रवर समिति के पास भेजा जाए।

उन्होंने कहा हम उम्मीद करते हैं कि सभी पार्टियां अपने-अपने रख पर मजबूती से जमी रहेंगी। हम यह भी उम्मीद करते हैं कि भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के और भी सांसद अपने जमीर की आवाज पर राज्यसभा में इस बारे में राय देंगे।

बोर्ड प्रवक्ता ने कहा, भाजपा इस विधेयक की ऐसी खामियों की अनदेखी कर रही है, जो तलाक के मसायल को और उलझा देंगी। हम पुरजोर अल्फाज में भाजपा के रवैये की निंदा करते हैं।नोमानी ने कहा कि मौजूदा शक्ल में तीन तलाक रोधी विधेयक से मुस्लिम औरतों की तकलीफ बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। यह विधेयक भारत के संविधान के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय के 22 अगस्त 2017 के फैसले के भी खिलाफ है।

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