करीब 3,500 बाल पोर्नोग्राफी साइट्स पिछले माह ब्लॉक की गईं, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया  

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   14 July 2017 1:51 PM GMT

करीब 3,500 बाल पोर्नोग्राफी साइट्स पिछले माह  ब्लॉक की गईं, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को  बताया  सुप्रीम कोर्ट।

नई दिल्ली (भाषा)। केंद्र ने आज उच्चतम न्यायालय को बताया कि समग्र बाल पोर्नोग्राफी के मुद्दे से निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और इससे संबद्ध करीब 3,500 वेबसाइटों को पिछले महीने ब्लॉक कर दिया गया है।

सरकार ने न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ को बताया कि उसने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्डे (सीबीएसई) को बाल पोर्नोग्राफी सामग्री तक पहुंच रोकने के लिए स्कूलों में जैमर लगाने पर विचार करने के लिए कहा है।

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अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने पीठ को बताया कि स्कूल बसों में जैमर लगाना संभव नहीं है। पीठ में न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति एमएम शांतनागुदार भी शामिल हैं। उन्होंने पीठ को बताया, ' 'हमलोग ऐसे कदमों के साथ आ रहे हैं जो ऐसी समग्र स्थिति से निपटेंगे। ' ' पिंकी ने कहा, ' 'स्कूल बसों में जैमर संभव नहीं है, ऐसी वेबसाइटों तक पहुंच रोकने के लिए स्कूलों में जैमर लगाया जा सकता है या नहीं, इस संबंध में सरकार ने सीबीएसई को विचार करने के लिए कहा है।' '

सरकार ने अदालत को बताया कि वह बाल पोर्नोग्राफी रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करेगी। अदालत ने केंद्र को दो दिनों के अंदर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।

शीर्ष अदालत देशभर में बाल पोर्नोग्राफी के खतरे को रोकने के लिए समुचित कदम उठाने के संबंध में केंद्र को निर्देश देने की मांग वाली एक याचिक पर सुनवाई कर रही थी।

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