हज सब्सिडी पर ओवैसी ने पूछा, हिंदू तीर्थयात्रा के लिए दिए जाने वाले धन का क्या ? 

हज सब्सिडी पर ओवैसी ने पूछा, हिंदू तीर्थयात्रा के लिए दिए जाने वाले धन का क्या ? हैदराबाद से लोकसभा सांसद ओवैसी ।

हैदराबाद (भाषा)। इस वर्ष से हज सब्सिडी खत्म कर दी गई। जिसके बाद देश की कई पार्टियों के अलमबरदारों ने इसके विरोध में झंड़ा बुलंद कर दिया। इस पर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, हिंदू तीर्थयात्रा के लिए दिए जाने वाले धन का क्या ? वहीं कांग्रेस की केरल ईकाई ने हज सब्सिडी जारी रखने की मांग की गई। तो वामदलों ने इसका किया विरोध किया उनके सुर में सुर मिलते हुए सपा ने कहा कि भाजपा मुसलमानों का दमन कर रही है।

ओवैसी बरसे

हज सब्सिडी को मुस्लिमों का तुष्टिकरण और वोट बैंक बताने के लिए भाजपा पर हमला करते हुए एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने आज दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की सरकार ने तीर्थयात्रा के लिए धन दिया है और वह जानना चाहते हैं कि क्या इसे बंद किया जा सकता है।

ओवैसी ने दावा किया कि कुंभ मेले के लिए भी धन दिया जाता है जबकि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार चारधाम यात्रा के लिए अनुदान देती है। उन्होंने कहा कि काफी पहले उन्होंने खुद ही हज सब्सिडी को खत्म करने की मांग की थी।

ओवैसी ने ट्वीट किया, इस वर्ष हज सब्सिडी 200 करोड़ रुपए है और उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक 2022 तक यह खत्म होना चाहिए था। वर्ष 2006 से मैं मांग करता रहा हूं कि इसे खत्म किया जाना चाहिए और इस राशि का इस्तेमाल मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा में होना चाहिए।

हज सब्सिडी खत्म करना भेदभावपूर्ण और मनमाना कदम : वामदल

वामदलों ने हजयात्रा के लिए तीर्थयात्रियों को मिलने वाली सब्सिडी खत्म करने के केन्द्र सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए इसे भेदभावपूर्ण और मनमाना कदम बताया है। माकपा पोलित ब्यूरो की ओर से जारी बयान के अनुसार केन्द्र सरकार ने हजयात्रियों की सब्सिडी पर एकाएक रोक लगा दी है, जबकि उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2012 में दिए फैसले में सरकार को दस साल की अवधि में चरणबद्ध तरीके से सब्सिडी खत्म करने का आदेश दिया था। सरकार द्वारा अचानक सब्सिडी रोकने का फैसला मनमाना और अन्य निहितार्थों से प्रेरित है।

बयान के मुताबिक धर्मनिरपेक्ष राज्य के सिद्धांत के तहत माकपा सरकार द्वारा सहायताप्राप्त धार्मिक तीर्थयात्राओं की पक्षधर नहीं है, यह किसी भी धर्म से जुड़ी क्यों न हो। इस लिहाज से ऐसी किसी धार्मिक गतिविधि को केन्द्र या राज्य सरकारों की ओर से आर्थिक मदद नहीं दी जानी चाहिये, जबकि यह सिलसिला अभी भी जारी है।

भाकपा नेता अतुल कुमार अंजान ने भी केन्द्र सरकार के इस फैसले को गैरजरूरी बताया है। अंजान ने कहा कि सरकार का यह अनावश्यक कदम देश में सांप्रदायिकता की भावना को उभारने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा केन्द्र एवं राज्य सरकारें कुंभ से लेकर गुरु पर्व, ईस्टर और बुद्ध एवं महावीर जयंती समारोहों आदि अनुष्ठानों के लिए आर्थिक एवं प्रशासनिक सहयोग करती है, यह करना भी चाहिए। इसी कड़ी में हज यात्रियों की कठिनाई को भी दूर करना सरकार का दायित्व है।

हज सब्सिडी जारी रखी जाए : कांग्रेस

कांग्रेस की केरल इकाई ने मंगलवार को केंद्र सरकार से मांग की कि हज सब्सिडी जारी रखी जाए और इसे खत्म करना अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ सरकार की एक और कदम है। पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इस निर्णय को वापस लेने की मांग की।

उन्होंने कहा, "हज सब्सिडी देना ऐतिहासिक रूप से प्रासंगिक है और यह लंबे समय से जारी है। यह अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने की स्पष्ट कार्रवाई है और इससे हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को नुकसान पहुंचेगा और इसलिए इस कदम को वापस लिया जाना चाहिए।"

इस वर्ष केरल से 10,981 हजयात्रियों को सब्सिडी का लाभ मिलने वाला था।

कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष एम.एम. हसन ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति केंद्र के व्यवहार का यह ताजा उदाहरण है। उन्होंने कहा, "यह सब्सिडी प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय से दी जा रही थी, लेकिन सबका साथ सबका विकास का झूठा नारा देने वाली मौजूदा सरकार ने इसे खत्म कर दिया।"

केरल की 3.34 करोड़ आबादी में मुसलमानों की संख्या 88.73 लाख है।

राज्य हज समिति के अध्यक्ष थोदियूर मौलवी ने हालांकि कहा कि सब्सिडी बंद किए जाने के बाद केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर गौर करना चाहिए कि विमानन कंपनियां अधिक किराये के जरिए शोषण न कर पाएं।

भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष वी. मुरलीधरन ने हालांकि कहा कि कांग्रेस मुस्लिम समुदाय को खुश करने के लिए तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। भाजपा हिंदुओं की तुष्टि के लिए भी तो आरएसएस के एजेंडे पर काम कर रही है, यह जिक्र करने पर उन्होंने चुप्पी साध ली।

भाजपा मुसलमानों का दमन कर रही है : सपा

उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी ने भाजपा पर मुसलमानों के दमन का आरोप लगाते हुए घोषणा की है कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर भाजपा द्वारा समाप्त की जा रही सारी सुविधाएं फिर से बहाल की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश व उत्तर प्रदेश में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, सरकार एक-एक कर मुसलमानों की समस्त सुविधाएं छीनने का प्रयास कर रही है।

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सपा नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मुसलमानों को आतंकित कर उन्हें अपने पक्ष में करना चाहती है। उन्होंने कहा कि हज सब्सिडी समाप्त करने के बाद भाजपा सरकार अब मदरसों को दिए जा रहे अनुदान को भी समाप्त करने का फैसला कर सकती है।

समाजवादी पार्टी मुसलमानों के साथ है तथा सत्ता में आने पर मुसलमानों की जिन सुविधाओं को भाजपा सरकार ने समाप्त किया है, उन सभी सुविधाओं को फिर से बहाल किया जाएगा।

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