बिटकॉइन से कमाए पैसों पर देना होगा आयकर, शिकंजे में फंसें एक लाख बिटकॉइन निवेशक

बिटकॉइन से कमाए पैसों पर देना होगा आयकर, शिकंजे में फंसें एक  लाख बिटकॉइन निवेशकआयकर के शिकंजे में फंसें एक एक लाख बिटकॉइन निवेशक

नयी दिल्ली। भारत में बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करंसियों (आभासी मुद्राओं) पर लगाम लगाने के प्रयास के हो रहे हैं। सरकार ने साफ-साफ कहा दिया है कि अवैध लेन देन के लिए आभासी मुद्राओं के इस्तेमाल पर हर हाल में रोक लगेगी। इस पर सख्ती करते हुए आयकर विभाग ने भी बिटक्वाइन मुद्रा में निवेश करने वालों करीब एक लाख लोगों को नोटिस जारी किया।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट 2018 में कहा कि 'क्रिप्टो करंसियां वैध नहीं हैं और सरकार इनके प्रयोग को बढ़ावा नहीं देती हालांकि सरकार ब्लॉकचेन (क्रिप्टो करंसी का समर्थन करने वाली एक डिजिटल तकनीक) के प्रयोग पर विचार करेगी।'

सरकार के ऐलान से पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को खारिज कर चुकी थी। रिलायंस भी जियोकॉइन के नाम से क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च करने की तैयारी में था पर बजट से पहले जियो ने भी साफ कर दिया कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने आज कहा कि कर विभाग बिटकाइन जैसी आभासी मुद्राओं में निवेश करने वाले लेकिन उससे प्राप्त आय या लाभ की घोषणा नहीं करने वाले लोगों को नोटिस जारी कर रहा है। विभाग ने पाया कि कई लोगों ने इसमें निवेश कर रखा है लेकिन इसमें कोई स्पष्टता नहीं है। इसका मतलब है कि उन्होंने समुचित रूप से घोषणा नहीं की।

एक कार्यक्रम में सुशील चंद्रा ने कहा, जिन लोगों ने आभासी मुद्रा में निवेश किया और कर रिटर्न भरते समय आय की घोषणा नहीं की तथा निवेश पर प्राप्त लाभ को लेकर कर नहीं दिया, हम उन्हें नोटिस भेज रहे हैं। क्योंकि हमारा मानना है कि यह सभी कर योग्य हैं।

सुशील चंद्रा ने कहा कि आयकर विभाग ने सभी आयकर महानिदेशकों को इस बारे में सूचित किया है और नोटिस जारी किये जा रहे हैं।

जापान से प्राप्त रपटों के मुताबिक बिटकाइन का भाव 20 प्रतिशत टूट कर 6190 डालर प्रति इकाई पर आ गया है। छह सप्ताह पहले यह 19,511 डालर तक चली गई थी। टोक्यो से ब्लूमबर्ग की एक रपट के हवाले से कहा गया है कि इसका भाव 50 प्रतिशत और गिर सकता है। बिटकॉइन हांगकांग बाजार में नवंबर से अपने सबसे निम्नतम स्तर 5,992 डॉलर तक गिर गया।

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बीबीसी की एक रपट के मुताबिक, साल 2017 में बिटकॉइन का मूल्य एक हजार डॉलर था, जो साल खत्म होने से पहले बढ़कर 20 हजार डॉलर हो गया। फिर एक ही हफ्ते में इसकी कीमत सीधे 25 फीसदी गिर गई और तब चेतावनियां जारी हुईं कि यह बहुत खतरनाक गुब्बारा है, जो कभी भी पिचक सकता है। बिटकॉइन का न्यूयार्क में मूल्य साल 2016 में करीब 1,600 फीसदी बढ़ा है और वर्तमान में इसका मूल्य लगभग 15,000 डॉलर है। भारत में, एक बिटकॉइन की कीमत 10 लाख रुपए है और लोग इसे खरीदने में 3,000 रुपए से लेकर कई लाख रुपए तक का निवेश कर रहे हैं।

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बिटकॉइन कारोबार के लिए मोबाइल ऐप

दुबई के प्लूटो एक्सचेंज ने बिटकॉइन आभासी करेंसी में कारोबार के इच्छुक भारतीय कारोबारियों के लिए मोबाइल ऐप पेश किया है। यह ऐप पिन से संरक्षित होगा।

प्लूटो एक्सचेंज के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी भरत वर्मा ने कहा, यह ऐप इस तरह के अन्य प्लेटफार्म से इस हिसाब से अलग है कि इसमें लेनदेन मोबाइल नंबर से मोबाइल नंबर के बीच होगा, बिटकॉइन से बिटकॉइन पते के बीच नहीं। कंपनी का दावा है कि यह पहला ऐप आधारित वॉलेट है जिसमें मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर बिटकॉइन लेनदेन किया जा सकता है। हाल के समय में बिटकॉइन नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है जिससे यह निवेशकों के आकर्षण का केंद्र हो गया है।

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प्लूटो एक्सचेंज ने कहा कि अभी तक बाजार में जितने भी ऐप हैं उनमें लेनदेन बिटकॉइन से बिटकॉइन पते के बीच होता है। एक्सचेंज ने कहा कि वह इस परिदृश्य को बदलेगा और इसमें सभी लेनदेन सिर्फ मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर किए जाएंगे। प्रयोगकर्ता सिर्फ चार अंक के पिन का इस्तेमाल कर मोबाइल नंबरों के माध्यम से बिटकॉइन खरीद, बेच, रख या खर्च कर सकेंगे।

प्लूटो एक्सचेंज की स्थापना भरत वर्मा द्वारा 2017 में की गई। प्लूटो एक्सचेंज एक ऐप सक्षम क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट प्रदाता कंपनी है जिसका मुख्यालय दुबई में है तथा आईटी विभाग दिल्ली में है।

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क्या है बिटकॉइन ?

बिटकॉइन एक किस्म की वर्चुअल या क्रिप्टो करेंसी है जिस पर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं है। इसे किसी बैंक ने जारी नहीं किया है। चूंकि यह किसी देश की मुद्रा नहीं है इसलिए इस पर कोई देश या अंतरराष्ट्रीय संगठन टैक्स नहीं लगा सकता न रोक लगा सकता। इसके लेन-देन के बारे में लेनदार और खरीददार के अलावा किसी को जानकारी नहीं होती मतलब यह पूरी तरह से गुप्त है। इसे दुनिया में कभी भी कहीं भी खरीदा या बेचा जा सकता है।

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रहस्यमय इतिहास

बिटकॉइन का इतिहास बड़ा अनोखा है। ऐसा माना जाता है कि 2009 में सतोशी नाकामोतो ने पहली बार इसे दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। कुछ लोगों का कहना है कि सतोशी नाकामोतो एक कंप्यूटर प्रोग्रामर था और उसका यह छदम नाम है। कुछ लोग सतोशी नाकामोतो को प्रोग्रामरों का एक ग्रुप बताते हैं। 2010 में सतोशी बिटकॉइन कोर की जिम्मेदारी गेविन एंडरसन नामके एक डेवेलपर के कंधों पर डालकर गायब हो गया।

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बिटकॉइन में कारोबार को गैरकानूनी

मिस्र के शीर्ष इमाम ने बिटकॉइन में कारोबार को गैरकानूनी बताते हुए इसे इस्लाम में हराम करार दिया है। उन्होंने कहा कि खतरा इसलिए है, क्योंकि बिटकॉइन किसी केंद्रीकृत प्राधिकरण की निगरानी में नहीं होता। फतवे में कहा गया है, "बिटकॉइन शरिया में हराम है, क्योंकि व्यक्ति, समूह और संस्थाओं को नुकसान पहुंचाता है।" मिस्र में अगस्त 2017 में बिटकॉइन का पहला एक्सचेंज खुला था। इसे अधिकारियों ने बीते महीने अवैध घोषित किया।

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