खाद्य पदार्थों में मिलावट मामले में उत्तर प्रदेश नंबर वन : केंद्र सरकार 

खाद्य पदार्थों में मिलावट मामले में उत्तर प्रदेश नंबर वन : केंद्र सरकार लोकसभा

नई दिल्ली (भाषा)। देश में वर्ष 2016-17 के दौरान खाद्य मिलावट के 16 हजार 659 मामले सामने आए जिसमें सर्वाधिक 5663 मामले उत्तर प्रदेश के थे। लोकसभा में पेश आंकड़ों में यह बात सामने आई।

लोकसभा में राव साहेब पाटील दानवे, राजेश वर्मा, भगवंत मान, उदय प्रताप सिंह, के सी वेणुगोपाल, सुशील कुमार सिंह, नन्दी एल्लैया, दर्शना विक्रम जरदोश, भीमराव बी पाटिल और मनोज तिवारी के एक सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बताया कि देश में वर्ष 2016-17 के दौरान खाद्य मिलावट के 16 हजार 659 मामले सामने आए जिसमें सर्वाधिक 5663 मामले उत्तर प्रदेश के थे।

अगर दूध में मिलावट के बारे में बात करें तो वर्ष 2016-17 के दौरान 3409 सैम्पल एकत्र किए गए जिसमें से 2468 मामले की जांच की गई, जिसमें 1306 मामलों में मिलावट पाई गई। इसमें 19 मामलों में आपराधिक व 1138 मामलों में सिविल केस दर्ज किए गए।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-16 के दौरान देशभर में खाद्य मिलावट के 16133 मामले सामने आए थे जिनमें उत्तरप्रदेश के सर्वाधिक 7189 मामले थे।

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मंत्री ने बताया कि दूध, मसालों, शहद, जल, तेल एवं वसा जैसे अन्य मिलावटी खाद्य मदों में मिलावट से निपटने के लिए एफएसएसएआई ने एक डिटेक्ट एडल्ट्रेशन विद रैथिड टेस्ट बुकलेट (डार्ट) जारी की है, जिसके तहत खाद्य सुरक्षा के बारे में उपभोक्ताओं में जागरुकता लाई जा सके।

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