किसानों के हित के लिए ट्रैक्टर पर सवार होकर संसद पहुंचा ये सांसद, लोग चौंकें

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   15 Dec 2017 6:55 PM GMT

किसानों के हित के लिए ट्रैक्टर पर सवार होकर संसद पहुंचा ये सांसद, लोग चौंकेंइंडियन नेशनल लोक दल के सांसद दुष्यंत चौटाला। 

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हुआ। गहमामहमी बनी हुई थी। संसद भवन में उस वक्त लोग चकित हो गए जब लोकसभा के एक युवा सांसद संसद भवन में ट्रैक्टर से आते हुए दिखाई दिए। संसद भवन तक साइकिल, बाइक और पैदल तो कई लोग आ चुके हैं पर अभी तक ट्रैक्टर से कोई सांसद संसद भवन नहीं पहुंचा है।

इंडियन नेशनल लोक दल के सांसद दुष्यंत चौटाला आज संसद भवन में ट्रैक्टर से आए। ऐसा उन्होंने सरकार के एक राजपत्र के विरोध में किया। दुष्यंत चौटाला हरियाणा के हिसार से सांसद हैं।

सरकार ने एक राजपत्र में ट्रैक्टर को ट्रांसपोर्ट व्हीकल में शामिल किया है। सरकार के इस निर्णय के बाद किसानों को ट्रैक्टर का भी टोल टैक्स देना पड़ेगा।

देश के सबसे युवा सांसद के रूप में इतिहास रच चुके दुष्यंत चौटाला ट्रैक्टर को कामर्शियल वाहन की श्रेणी में रखे जाने के खिलाफ ‘प्रतीकात्मक विरोध’ करने के लिए यह अजीबोगरीब तरीका अपनाया। दुष्यंत चौटाला संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले सुबह हरे रंग की ट्रैक्टर चलाते हुए सुबह संसद भवन पहुंचे तो लोगों ने उन्हें घेर लिया। उनके साथ दो अन्य सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी और रामकुमार कश्यप भी ट्रैक्टर पर सवार थे ।

एक वेबसाइट के अनुसार सांसद दुष्यंत चौटाला का कहना है कि उन्होंने देश की संसद का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। यदि केंद्र सरकार ने ट्रैक्टर को व्यावसायिक वाहनों की श्रेणी से नहीं हटाया तो भविष्य में हरियाणा, राजस्थान, पंजाब से लाखों किसान ट्रैक्टर पर सवार होकर दिल्ली पहुंचेंगे।

उन्होंने कहा कि फिर अगर ट्रैक्टर ट्रांसपोर्ट व्हीकल में शामिल है तो वो संसद क्यों नहीं जा सकते? सरकार का यह निर्णय किसानों के खिलाफ है। किसानों को इसके बाद ट्रैक्टर का भी टोल टैक्स देना पड़ेगा। वे इससे पहले इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी मिल चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस उन पर ऐसा करने के लिए दो हजार रुपए तक का जुर्माना भी लगा सकती है।

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संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है। जिसे हंगामेदार होने के आसार हैं। 15 दिसंबर से 5 जनवरी तक चलने वाला यह सत्र मात्र 22 दिनों का होगा जिसमें अगर छुट्टियों को हटा दें तो संसद सिर्फ 14 दिनों तक ही चलेगा।

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