सम-विषम योजना को एनजीटी से मंजूरी, महिलाओं, दोपहिया वाहनों और सरकारी कर्मचारियों को रियायत नहीं 

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   11 Nov 2017 3:49 PM GMT

सम-विषम योजना को एनजीटी से  मंजूरी, महिलाओं, दोपहिया वाहनों और सरकारी कर्मचारियों को रियायत नहीं एनजीटी ऑफिस।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली में 13 से 17 नवंबर तक सम-विषम योजना चलाने को शनिवार को मंजूरी दे दी। एनजीटी ने इस योजना को मंजूरी देते हुए कहा कि इससे महिलाओं, दोपहिया वाहनों और सरकारी कर्मचारियों को किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।

एनजीटी ने यह भी कहा कि भविष्य में पीएम2.5 का स्तर 300 से ऊपर और पीएम10 का स्तर 500 से ऊपर होने की स्थिति में सम-विषम योजना स्वचालित रूप से लागू हो जाएगी। एनजीटी ने कहा है कि इस योजना के तहत केवल आपातकालीन वाहनों को ही छूट दी जाएगी।

डीडीए का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील राजीव बंसल ने फैसला आने के बाद संवाददाताओं से कहा, "एनजीटी ने आज अपने आदेश में कहा कि अगर भविष्य में पीएम2.5 का स्तर 300 से ऊपर और पीएम10 का स्तर 500 से अधिक होता है तो सम-विषम योजना स्वचालित रूप से लागू हो जाएगी।"

बंसल ने कहा, "प्राधिकरण ने यह भी कहा कि इस योजना के तहत वीआईपी वाहनों, महिलाओं या सरकारी कर्मचारियों को किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।" उन्होंने कहा, "केवल दमकल गाड़ियों, एम्बुलेंस और ठोस अपशिष्ट ले जाने वाले वाहनों जैसे आपातकालीन वाहनों को ही छूट दी जाएगी।"

अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार पीएम2.5 और पीएम10 की सुरक्षित सीमा 25 और 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है, जबकि राष्ट्रीय मानकों के अनुसार यह क्रमश: 40 और 100 यूनिट हैं।

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एनजीटी ने 13 से 17 नवंबर तक राजधानी में सम-विषम योजना को मंजूरी देते हुए कहा कि इससे महिलाओं, दोपहिया वाहनों और सरकारी कर्मचारियों को किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।

इन देशों के शहरों में भी है ऑड-ईवन

बीजिंग :- चीन की राजधानी में साल 2008 के ऑलपिंक खेलों के बाद प्रदूषण रोकने के लिए इसे लागू किया गया। इस दौरान यहां प्रदूषण में तकरीबन 20 फीसदी की कमी आई। इतना ही नहीं, साल 2011 में शहर के प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए कारों की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी।

बोगेटा :- कोलंबिया की राजधानी बोगेटा में इसे लागू किया गया जा चुका है। यहां गाड़ियों पर अमूमन दिन के कुछ खास घंटों के दौरान प्रतिबंध लगाया गया। कुछ रिपोर्ट कहती हैं कि यह नीति यहां ज्यादा सफल नहीं रही क्योंकि ड्राइवर्स ने अन्य समय में ज्यादा गाड़ी चलाना शुरू कर दिया।

इटली :- इटली के मिलान और रोम में भी इसे आजमाया जा चुका है। इन दोनों शहरों में इसे ठंड के मौसम मे लागू किया गया था। यहां कुछ खास घंटों में, कुछ खास दिन निजी वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया। इसे इटली के फ्लोरेंस, नेप्लस आदि जगहों पर कुछ खास मौकों पर भी लागू किया गया।

मैक्सिको :- इस फॉर्मूले को मैक्सिको ने सबसे पहले साल वर्ष 1989 में लागू किया था। यहां हफ्ते के चुनिंदा दिनों में लागू किया गया। जैसे सोमवार को वो गाड़ियां नहीं चल सकती थी जिनका नंबर 5 या 6 पर खत्म होता वहीं मंगलवार को उन गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया गया जिनका नंबर 7 या 8 पर खत्म होता है।

पेरिस :- फ्रांस की राजधानी में भी ऑड-ईवन के इस फॉर्मूले को प्रयोग में लाया गया है, इन दिनों यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट मुफ्त कर दिया जाता है, ये नियम अब तक यहां कई बार लागू किया जा चुका है।

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