पोखरण परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ आज : प्रधानमंत्री मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के साहस की प्रशंसा की 

पोखरण परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ आज :  प्रधानमंत्री मोदी ने  अटल बिहारी वाजपेयी के साहस की प्रशंसा की पोखरण परमाणु परीक्षण के वक्त प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, एपीजे अब्दुल कलाम सहित देश के कई बड़े वैज्ञानिक व नेता। साभार : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ट्विटर अकाउंट

नई दिल्ली (भाषा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोखरण परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दिखाए गए ‘‘साहस'' की आज प्रशंसा की।

मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर हर किसी को बधाई, खासतौर से हमारे परिश्रमी वैज्ञानिकों और तकनीक के प्रति जुनूनी लोगों को।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम 1998 में पोखरण में दिखाए गए साहस के लिए हमारे वैज्ञानिकों और उस समय के राजनीतिक नेतृत्व के प्रति आभारी हैं।''

भारत के वैज्ञानिक कौशल और तकनीकी प्रगति को चिह्नित करने के लिए वर्ष 1999 से 11 मई के दिन को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 1998 में आज ही के दिन भारत ने वाजपेयी के नेतृत्व में पोखरण में पांच परमाणु परीक्षणों में से पहला परीक्षण किया था। इन परीक्षणों से भारत ने पूरे विश्व में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।

नरेंद्रमोदी डॉट इन वेबसाइट पर पर एक लेख में मोदी का पहले दिया गया एक भाषण है जिसमें उन्होंने कहा था, ‘‘दुनिया पोखरण परीक्षण के बारे में अच्छी तरह जानती है, अटल जी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक परीक्षण किए गए और पूरे विश्व ने भारत की ताकत को देखा। वैज्ञानिकों ने देश को गौरवान्वित किया।''

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करीब दो दशक पहले हुए परीक्षणों को याद करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘परीक्षणों की पहली श्रृंंखला के बाद विश्व समुदाय ने भारत पर प्रतिबंध लगाए। 13 मई 1998 को अटल जी ने फिर परीक्षण किया जिससे यह पता चला कि वह अलग मिजाज के व्यक्ति हैं, अगर हमारे पास एक कमजोर प्रधानमंत्री होता तो वह उसी दिन डर गया होता या होती लेकिन अटल जी अलग थे। वह डरे नहीं।''

परमाणु परीक्षणों के दौरान पोखरण के लोगों की भूमिका की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘परीक्षणों की योजना बनाने और उन्हें करने के दौरान चुप्पी साधे रखने के लिए पोखरण के लोगों की भी तारीफ होनी चाहिए। उन्होंने हर किसी चीज से ऊपर राष्ट्र के हित को तरजीह दी।''

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