पैसा मेरे लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा : मुकेश अंबानी

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   1 Dec 2017 5:02 PM GMT

पैसा मेरे लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा : मुकेश अंबानीमुकेश अंबानी।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि पैसा उनके लिए कभी भी महत्वपूर्ण नहीं रहा है और एक संसाधन के रूप में पैसा कंपनी को जोखिम लेने में सक्षम बनाता है।

अंबानी ने एचटी लीडरशिप समिट में कहा, "पैसा कभी भी मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण नहीं रहा.. मैं उन तमगों से घृणा करता हूं, जो आप मुझे देते हैं।"

देश के सबसे अमीर आदमी ने कहा, "मेरे लिए, संसाधन आपको एक कंपनी के नजरिए से जोखिम लेने में सक्षम बनाता है। यह आपको थोड़ा-सा लचीलापन देता है।"

अंबानी ने कहा कि वे अपनी जेब में कभी भी नकदी या क्रेडिट कार्ड लेकर नहीं चलते, और उनके आसपास हमेशा कोई होता है तो उनके बिलों का भुगतान करता है।

अंबानी ने कहा, "निजी स्तर पर, बहुत कम लोग यह जानते हैं कि बचपन से, स्कूल में और अब, मैंने कभी भी अपने साथ पैसे नहीं रखे। मेरे पास क्रेडिट कार्ड नहीं हैं, मैं अपनी जेब में पैसे लेकर नहीं चलता। मैं हमेशा अपने साथ किसी को रखता हूं, जो मेरे लिए भुगतान करता है, तो ऐसे ही मेरा काम चलता है।"

भारतीय अर्थव्यवस्था 2024 तक 5,000 अरब डॉलर की हो जाएगी : मुकेश अंबानी

देश के सबसे अमीर व्यक्ति व रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था 2024 तक दोगुनी होकर 5,000 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगी। अंबानी ने यहां एचटी लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी के मध्य तक भारत की अर्थव्यवस्था की बढ़ोतरी चीन से अधिक होगी।

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अंबानी ने कहा कि उन्होंने 2004 में भविष्यवाणी की थी कि 20 साल में भारतीय अर्थव्यवस्था 5,000 अरब डॉलर पर पहुंचेगी। उस समय भारतीय अर्थव्यवस्था 500 अरब डॉलर की थी। अंबानी ने कहा कि उस समय लगाया गया अनुमान अब भी कायम है, वास्तव में 2024 से पहले यह लक्ष्य हासिल हो जाएगा।

अगले दस साल में 7,000 अरब डॉलर पर पहुंचा सकता है भारत

उन्होंने कहा, क्या हम अगले दस साल में इसे तिगुना कर 7,000 अरब डॉलर पर पहुंचा सकते हैं और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकते हैं? हां, हम ऐसा कर सकते हैं. इसी तरह क्या हम 2030 तक 10,000 अरब डॉलर के आंकड़े को पा सकते हैं और भारत-चीन, भारत-अमेरिका के अंतर को घटा सकते हैं? हां, हम यह कर सकते हैं।

इस सदी में अमेरिका-चीन से अधिक समृद्ध हो सकता है भारत

अंबानी ने उम्मीद जताई कि भारत इस सदी में अमेरिका और चीन से अधिक समृद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि आगामी तीन दशक भारत के लिए परिभाषित करने वाले दशक होंगे। 21वीं सदी के मध्य तक भारत की बढोतरी चीन से अधिक होगी। यह दुनिया के लिए अधिक आकर्षक होगा। अंबानी ने कहा कि भारत एक बेहतर और अलग तरीके का विकास मॉडल उपलब्ध कराएगा जिससे समान और समावेशी वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

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